दो दिन देश में सर्वाधिक गर्म रहा अमरावती
12 को 42.2 व 13 को 41.8 डिग्री सेल्सीअस था तापमान

* इस बार पड रही रिकॉर्डतोड गर्मी, मार्च की शुरुआत में टूटा रिकॉर्ड
* आज तापमान में आई थोडी गिरावट, गर्मी की तीव्रता हुई कम
* फिर भी स्तर उंचा, सामान्य औसत से 4-5 डिग्री उपर चल रहा है अधिकतम तापमान
अमरावती/दि.14 – विदर्भ क्षेत्र में इस वर्ष गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. खासकर अमरावती शहर में मार्च की शुरुआत में ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से आने वाले महीनों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है. खास बात यह रही कि, अमरावती शहर सहित जिले में विगत 12 मार्च को 42.2 तथा 13 मार्च को 41.8 डिग्री सेल्सीअस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ था. यह देश के अन्य सभी शहरों की तुलना में सर्वाधिक तापमान रहा. जिसके चलते पिछले दो दिनों से देश में अमरावती सबसे अधिक गर्म शहर साबित हुआ. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इस वर्ष अमरावती में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं.
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 मार्च को शहर का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है. मार्च के पहले पखवाड़े में ही तापमान का इस स्तर तक पहुंचना असामान्य माना जा रहा है. हालांकि इसके बाद दो दिनों में तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई और आज शनिवार 14 मार्च को अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस रहा, फिर भी यह सामान्य औसत तापमान से करीब 4 से 5 डिग्री अधिक है.
उल्लेखनीय है कि, आमतौर पर अमरावती सहित विदर्भ क्षेत्र में मार्च के अंत या अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार मार्च के पहले ही सप्ताह में पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया. इससे यह संकेत मिल रहा है कि इस वर्ष गर्मी का दौर लंबा और अधिक तीव्र हो सकता है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम रहने, वातावरण में नमी की कमी तथा तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है. इसके अलावा विदर्भ क्षेत्र में सूखी और गर्म हवाओं के कारण भी गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस हो रहा है.
* आज 39 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
जहां दो दिन पूर्व अमरावती जिले में रिकॉर्ड 42.2 डिग्री सेल्सीअस का अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था, वहीं पिछले दो दिनों से तापमान में आ रही गिरावट का दौर आज भी कायम रहा. जिसके चलते आज अमरावती शहर सहित जिले में औसत अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सीअस दर्ज किया गया. इसे अमरावती वासियों के लिहाज से तत्कालीक राहत वाली स्थिति माना जा रहा है. लेकिन मार्च माह में रहनेवाले औसत तापमान के लिहाज से अब भी यह तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सीअस अधिक है, ऐसी जानकारी स्थानीय मौसम विज्ञानी प्रा. अनिल बंड द्वारा दी गई है. साथ ही उन्होंने बताया कि, अगले एक-दो दिनों के दौरान बदरीला वातावरण होने के साथ ही विदर्भ क्षेत्र के कुछ इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी. जिसके बाद भीषण गर्मी और धूप से और थोडी-बहुत राहत मिलेगी तथा तापमान का स्तर थोडा और लुढकेगा.
* 18-19 मार्च को मिल सकती है थोड़ी राहत
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 18 और 19 मार्च के दौरान आसमान में आंशिक बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है. इससे तापमान में अस्थायी रूप से 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है और लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है.
* मार्च के अंतिम सप्ताह में फिर बढ़ेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च के अंतिम सप्ताह से तापमान एक बार फिर तेजी से बढ़ने की संभावना है. इसके बाद अप्रैल और मई में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो सकता है, जो पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र हो सकता है.
* आखिर क्यों बढ रहा है गर्मी का स्तर?
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान के पीछे प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ मानवीय गतिविधियां भी जिम्मेदार हैं. शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रही वृक्षों की कटाई, कंक्रीट के बढ़ते निर्माण कार्य, औद्योगिक प्रदूषण तथा ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता उत्सर्जन स्थानीय तापमान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र कम होने के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है. यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में विदर्भ के कई शहरों में तापमान का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है.
* स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण लू, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.
* स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट, उष्माघात कक्ष तैयार
गर्मी व धूप की लगातार बढती तीव्रता के चलते इस समय मार्च माह में ही ग्रीष्म लहर वाली स्थिति बनती दिखाई दे रही है. इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर काम कर रहा है. जिसके तहत सभी सरकारी अस्पतालों में उष्माघात कक्ष अभी से ही तैयार कर दिए गए है. ताकि भीषण गर्मी व तेज धूप के चलते उष्माघात का शिकार होनेवाले मरीजों को तुरंत चिकित्सा व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके.
* नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें. अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें. हल्के और सूती कपड़े पहनें. धूप में निकलते समय सिर को ढकें. छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें. यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले महीनों में अमरावती सहित पूरे विदर्भ क्षेत्र में गर्मी के हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है.