रो पडी अमरावती, गणमान्यों ने कहा अपूरणीय लॉस

अजीत दादा के निधन पर हर कोई गमगीन

किसी ने याद किया मंत्रालय में साथ कार्य का समय
– अधिकांश ने कहा बेजोड, उदार व्यक्तित्व
– सभी सांसद, विधायकों ने दी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि
– किसी ने बताया पारस, कोई ने कहा अष्टपैलु व्यक्तित्व
अमरावती/दि.28 – प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा अजीत दादा पवार की दुखद मृत्यु का समाचार बुधवार सबेरे अमरावती पहुंचते ही सभी कार्यकर्ता, नेता दुखी हो गए. प्रत्येक ने बोलकर अपना दुख व्यक्त किया. सभी ने अजीत दादा के साथ अपना सानिध्य याद किया. विशेष कर कांग्रेस नेता सुनील देशमुख ने कहा कि, वित्त मंत्रालय में अजीत दादा के साथ काम करते हुए अनुभव विषद किए. उनके अनुशासन और समय की पाबंदी एवं विचारों की दृढता को सांसद से लेकर विधायकों सभी ने सादर याद किया .


उनके साथ किया राज्य मंत्री के रुप में काम सदैव याद रहेगा
* अजीत दादा के निधन पर सुनील देशमुख गमगीन
अमरावती के पूर्व पालकमंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. सुनील देशमुख ने उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. डॉ. सुनील देशमुख ने अजीत दादा के साथ वित्त मंत्रालय में पांच वर्ष तक राज्य मंत्री के रुप में किए गए कार्य को याद किया. डॉ. देशमुख ने कहा कि, धडाडी से निर्णय लेने वाले लीडर थे. विकास का विजन लेकर चलते थे. केवल घोषणाओं तक सीमित न रहते हुए विकास प्रकल्पों को फंड उपलब्ध करवाकर साकार करने की क्षमता अजीत दादा रखते थे. उनके निधन से समस्त महाराष्ट्र की अपूरणीय क्षति हुई है. कुशल प्रशासक हमने खो दिया है. अजीत दादा वह व्यक्तित्व थे कि, पूरे महाराष्ट्र की राजनीति पर उन्होंने छाप छोडी. उनका असमय निधन महाराष्ट्र को झकझोर गया है. डॉ. देशमुख ने कहा कि, राज्य मंत्री के रुप में अजीत दादा के साथ काम करना अद्भूत रहा. धडाधड निर्णय लेना और उसे लोकाभिमुख करना भी अजीत दादा बखूबी जानते थे. डॉ. देशमुख ने यह भी कहा कि, गोपीनाथ मुंडे हो या विलासराव देशमुख, अजीत दादा जैसे नेता वर्षों के तप पश्चात निर्माण होते हैं. उनका निधन का दुख और क्षति शब्दों में व्यक्त करना असंभव लग रहा है. आज महाराष्ट्र के लिए बडे दुख की बेला है. निश्चित ही समस्त राज्य अपने प्रिय लीडर को खोकर गमगीन है. अमरावती का भी अजीत दादा के निधन से बडा नुकसान हुआ. अजीत दादा अमरावती से बडा स्नेह रखते थे. यहां के प्रोजेक्ट को तत्परता से मंजूरी देते थे. इतना ही नहीं तो कार्य की प्रगति की रिपोर्ट भी समय-समय पर लेते रहते थे. डॉ. देशमुख ने कहा कि, अजीत दादा का निधन उनके लिए व्यक्तिगत और बडी क्षति है.

* अनुशासन के पक्के नेता
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता यशोमति ठाकुर ने अजीत दादा के निधन को राष्ट्र की क्षति निरुपित किया. अत्यंत भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूर्व पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि, अजीत दादा स्वयं कडे अनुशासन का पालन करते और अपने ईर्द-गिर्द सभी को अनुशासित रखने में योगदान देते. आज एक बडा नेता राष्ट्र और महाराष्ट्र ने खो दिया है. उनकी राजनीति की छाप महाराष्ट्र पर अमिट है. सबेरे जल्दी जागकर नियम और अनुशासन के साथ तेजी से काम करना, धडाडी से निर्णय लेना, किए गए फैसले तत्परता से क्रियान्वित करना अजीत दादा की विशेषता थी. उन्हें महाराष्ट्र कभी विस्मृत नहीं कर सकेगा. समस्त महाराष्ट्र के लिए आज धक्कादायक, दुखद घडी है. पवार परिवार पर वज्राघात हो गया है.


* नियति ने बहुत क्रूर किया हमारे साथ
राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संतोष महात्मे ने कहा कि, अजीत दादा अब हमारे बीच नहीं है, इस बात पर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है. नियति ने हम सभी के साथ बहुत क्रूर काम किया है. अजीत दादा प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी पार्टी नहीं, तो परिवार का सदस्य मानते थे. उसी लिहाज से पिता समान, चाचा समान दुलार करते थे. उनके निधन से जो नुकसान हुआ है, वह भरा नहीं जा सकता. प्रत्येक कार्यकर्ता आज अजीत दादा के अवसान पर पर दुखी है, रो रहा है. जो दादा के प्रति असीम स्नेह, आदर को दर्शाता है. निश्चित ही विजनरी लीडर रहे. महाराष्ट्र की सियासत पर अजीत दादा ने छाप छोडी. उनका उपमुख्यमंत्री के रुप में कार्यकाल न केवल विस्तृत बल्कि प्रभावशाली रहा. संतोष महात्मे अपने साथी प्रवीण भुजाडे, निखिल ठाकरे और अन्य के साथ दुखदायी समाचार मिलते ही बारामती के लिए रवाना हो गए हैं. अमरावती जिले से हजारों कार्यकर्ता बारामती प्रस्थान करने की जानकारी मिल रही है.
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* ‘कामात बाप असलेला माणूस’
प्रहार जनशक्ति पार्टी के सर्वेसर्वा पूर्व मंत्री ओमप्रकाश उर्फ बच्चू कडू ने अपने बेबाक अंदाज में कहा कि, काम में ‘बाप’ अर्थात कोई भी कार्य कर सकने की क्षमतावाला, बहादुर, स्पष्ट वक्ता, जनसमस्याओं से अखंड झूझनेवाला नेता आज हमारे बीच नहीं रहा. इन शब्दों में बच्चू कडू ने अपनी भावनाएं अजीत दादा के प्रति व्यक्त की. बच्चू कडू ने कहा कि, सामान्य लोगों का एक सच्चा आधार आज खो गया है. उनके कार्य, संघर्ष और सेवाभाव की विरासत सदैव हमारे स्मरण में रहेगी. भावपूर्ण श्रद्धांजलि दादा!

* मैं स्तब्ध हूं, हम अनाथ हो गए
– विधायक सुलभा संजय खोडके
शहर की विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस की नेता सुलभा संजय खोडके बडी मुश्कील से अजीत दादा के निधन पर दो शब्द बोल सकी. वे अत्यंत दुखी हो गई. अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए सुलभाताई ने कहा कि, वे नि:शब्द है. बल्कि अजीत दादा के निधन से हम सभी अनाथ हो गए है, ऐसा लग रहा है. एक सदैव साथ देनेवाला, दिशादर्शक, कुशल मार्गदर्शक, महाराष्ट्र की प्रगति और समृद्धी के लिए अविरत धडपड करनेवाले संघर्षशील जननेता को आज हमने खो दिया है. हमारे नेता आज काल में समां गए है. एक महान सुपुत्र इस देश ने खो दिया है. बहुत बडी क्षति है. अत्यंत धक्कादायक और अभी भी अविश्वसनीय लगनेवाली घटना. आज क्रूर काल ने घात कर हमारे दादा को हमसे छीन लिया. लगा नहीं था कि, काल इतना कठोर होता है. यह सत्य स्वीकार करना होगा. अजीत दादा हमारी मजबूती थे. केवल राजकारण नहीं तो खोडके परिवार के सुख-दुख के साथी थे. उन्होंने हमेशा अमरावती को विकास की दृष्टि से समृद्ध करने काफी कुछ दिया. दादा ने उनसे मिलनेवाले, संपर्क में आनेवाले प्रत्येक व्यक्ति के मन पर अमिट छाप छोडी. वे सदैव हमारी स्मृतियों में अमर रहेंगे. उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अत्यंत दुख हो रहा है. सोचा न था ऐसा पल हमारे जीवन में आएगा.                               
जिसे छुआ सोना कर दिया
तिवसा के बीजेपी विधायक राजेश वानखडे ने अजीत पवार के दुखद अवसान पर अत्यंत शोक प्रकट करते हुए महाराष्ट्र की बहुत बडी हानि बताया. वानखडे ने कहा कि, अजीत पवार ऐसे व्यक्ति थे, जो पारस समान थे. जिस चीज को भी उन्होंने छुआ, सोना कर दिया. विधायक वानखडे ने कहा कि, बहुत बडे दिलवाले उदार व्यक्तित्व के इस प्रकार अवसान की किसी को कल्पना न थी. उनकी क्षति महाराष्ट्र के लिए असहनीय है. तिवसा विधानसभा की जनता की ओर से अजीत दादा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राजेश वानखडे ने कहा कि प्रत्येक विषय की दादा को असीमित जानकारी थी. दादा को नॉलेज लेना नहीं पडता. आंकडों के तो जादूगर थे. फंड अलाटमेंट बराबर स्मरण रहता. किसी भी विकास कार्य को तत्परता से पूर्ण करवाते थे.                                                                                 

* प्रचंड क्षति हुई राज्य की
अचलपुर के विधायक, बीजेपी नेता प्रवीण तायडे ने कहा कि, अजीत दादा के निधन से महाराष्ट्र की प्रचंड क्षति हुई है. उनकी कमी भरी नहीं जा सकती. तायडे ने कहा कि, अजीत पवार शब्द पालन करनेवाले अनूठे लीडर थे. अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र की ओर से विधायक तायडे ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, अजीत दादा की अपनी कार्यशैली थी. महाराष्ट्र की राजनीति पर उन्होंने अपनी छाप छोडी. प्रत्येक कार्यकर्ता से वे बडे अपनत्व से मिलते. उसी प्रकार अपने साथी और कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने की आदत लगाते. प्रवीण तायडे ने कहा कि, अजीत दादा कर्तव्यनिष्ठ और अष्टपैलु व्यक्तित्व के धनी थे. शासन-प्रशासन पर अजीत दादा की पकड गजब की रही.

राजकारण के धडाडी के नेता को खो दिया
पूर्व पालकमंत्री और बीजेपी नेता प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि विमान दुर्घटना में अजीत दादा पवार के निधन की कल्पना ही बेहद दुखद, धक्कादायक और मन को सुन्न करनेवाली है. अजीत दादा महाराष्ट्र के जन नेता थे. राज्य के कोने-कोने की सघन जानकारी रखनेवाले और जनसामान्य में प्रचंड विश्वास तथा आस्था निर्माण करनेवाले नेता थे. महाराष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासकीय वास्तव की अचूक जानकारी उन्हें थी. प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि, अजीत दादा से उनके पारिवारिक संबंध थे. प्रशासन पर अजीत दादा की मजबूत पकड, निर्णय क्षमता और विकासाभिमुख दृष्टिकोन के कारण वे मजबूत और प्रभावी नेतृत्व के रुप में जाने जाते थे. महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य लेकर सतत कार्यरत रहे. उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक सुदृढ, अनुशासित, समय का पाबंद और कार्यतत्पर नेतृत्व खो दिया है. अपूरणीय क्षति हुई है. उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि.

लोकनेता, जनसामान्य का आधार
बडनेरा के विधायक व युवा स्वाभिमान नेता रवि राणा ने उपमुख्यमंत्री अजीत दादा पवार द्वारा 2014-2019 में राजनीति में दिए गए साथ और सहयोग को आजीवन विस्मृत न करने की बात कही. विधायक राणा ने कहा कि, दादा जन नेता थे. जनसामान्य का आधार थे. आज भी विधायक राणा से दादा उतना ही अपनत्व और स्नेह रखते थे. राजनीति से परे जाकर सहयोग करनेवाले लोकनेता यानि अजीत दादा. विधायक राणा ने कहा कि, दादा आपकी स्मृतियों और स्नेह को महाराष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा. महाराष्ट्र के राजकारण में दादा के जाने से हुआ व्याप कभी नहीं भरा जा सकता.

* एक मजबूत नेतृत्व, विजनरी मार्गदर्शक
पूर्व सांसद और बीजेपी नेत्री नवनीत राणा ने अजीत दादा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने राष्ट्रवादी कांग्रेस में प्रवेश और लोकसभा चुनाव लडने के समय को याद किया. पूर्व सांसद राणा ने कहा कि, 2014 का चुनाव हो या 2019 की विजय. बडे भाई के समान अजीत दादा ने सहकार्य किया. सदैव साथ रहे. दादा यानि अपनी बात को अवश्य पूरा करनेवाला नेता. बाहर से जितने कठोर लगते थे, मन से उतने ही स्नेहमयी और संवेदनशील थे. जनसामान्य में मिल जानेवाले और उनकी समस्याओं को हल करनेवाले एवं असाधारण काम करनेवाले लीडर अजीत दादा थे. कार्यकर्ता को बल देनेवाले उमदा नेता आज हमारे बीच नहीं है, यह सोचने-समझने के लिए मन तैयार नहीं हो रहा है. महाराष्ट्र के राजनीति का एक दृढ अध्याय हो गया है. दादा आपके मार्गदर्शन की कमी सदैव महसूस होगी.

* देश की राजनीति का राजहंस चला गया
– विधायक संजय खोडके शोकमग्न, नि:शब्द
– दमदार और मजबूत नेतृत्व खो दिया
– अजीत दादा का निधन वेदना देनेवाला क्षण
राष्ट्रवादी कांग्रेस के महासचिव और विधायक तथा डीसीएम अजीत पवार के अत्यंत निकटस्थ संजय खोडके ने रोते-रोते कहा कि, अजीत दादा का निधन दुख और वेदना देनेवाला क्षण है. उनके रुप में भारत वर्ष की राजनीति का राजहंस हमने गंवा दिया है. वे न केवल सुदृढ और शब्दों के धनी नेता थे, बल्कि सभी से स्नेह करते थे. आदर करते थे. कार्यकर्ता के साथ अपनत्व रखनेवाला बिरला नेतृत्व अजीत दादा रहे. संजय खोडके ने कहा कि, आज दिन व्यक्तिगत रुप से उनके जीवन का अत्यंत काला और बुरा दिन है. क्रूर काल ने हमसे हिमालयीन व्यक्तित्व को छीन लिया है. कल्पना करना भी दुष्कर है कि, दादा हमें छोडकर चले गए है. महाराष्ट्र की बुलंद आवाज थम गई है. कर्तव्य कठोर व्यक्तित्व, कार्यतत्पर, उदार दिल के दमदार नेता को आज देश ने खो दिया है. सदैव विकास को नई दिशा और गति देने का स्वप्न रखनेवाले नेता चले गए है. जनता का अपना काम का व्यक्ति सदा के लिए चला गया है. संजय खोडके ने यह भी कहा कि, लगता है आज हम अनाथ हो गए है. समाजकारण हो या राजकारण अथवा सहकारिता सभी क्षेत्र पर अपनी अलग छाप छोडनेवाले अजीत दादा ने महाराष्ट्र की राजनीति में मतभेद रखे किंतु मनभेद होने न दिए. राजनीति से परे जाकर प्रत्येक कार्यकर्ता की सहायता करने तत्पर रहनेवाला अद्वितीय नेतृत्व चला गया है.

* शब्द दे दिया तो उसे अवश्य पूरा करते
राज्यसभा सांसद और बीजेपी नेता डॉ. अनिल बोंडे ने अजीत दादा के निधन से जो क्षति हुई है, वह पूरी नहीं की जा सकती. केवल पवार परिवार नहीं तो समूचे महाराष्ट्र का नुकसान हुआ है. बीजेपी सांसद ने कहा कि, अजीत दादा बडे स्पष्ट व्यक्ति रहे. शब्द दे दिया तो उसे अवश्य पूरा करते. किंतु कोई काम नहीं हो सकता तो वह बात भी अगले के मुंह पर स्पष्ट कह देते. किसी को बार-बार चक्कर करवाने की शैली में अजीत दादा का कतई विश्वास न था. अपने अंदाज में जीवन जीए और जनसामान्य के छोटे से छोटे और बडे सभी कार्यो को बराबर की अहमियत दी. विजनरी लीडर रहने के साथ महाराष्ट्र की तरक्की के लिए हर समय तत्पर रहनेवाले नेता अजीत दादा रहे. सांसद डॉ. बोंडे ने अजीत दादा के निधन को अपूरणीय क्षति बताया.


* खेल क्षेत्र का भी अपरिमीत नुकसान
विदर्भ केसरी प्रा. डॉ. संजय तीरथकर ने अजीत दादा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि, महाराष्ट्र के दबंग नेता थे. दूरदृष्टि रखते थे. खेल जगत की भी अजीत दादा के निधन से अपरिमीत हानि हुई है. प्रा. तीरथकर ने बताया कि, अजीत दादा महाराष्ट्र ओलंपिक संघ के अध्यक्ष थे. खेल जगत में सुविधाएं उपलब्ध करवाने से लेकर अनेकानेक बातों का उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा.

* महाराष्ट्र पर आया संकट है दादा का निधन
अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, अजीत दादा के विमान का बारामती में हादसा हो जाने की खबर से हम सभी हिल उठे. मन सुन्न हो गया. दुखद समाचार पर अब तक यकीन नहीं हो रहा. महाराष्ट्र के सर्वांगीण विकास को दिशा और गति देनेवाले जननेता के रुप में अजीत दादा सदैव याद रखे जाएंगे. बावनकुले ने कहा कि, प्रशासन पर अजीत दादा की पकड मजबूत, काम करने की रफ्तार अफाट और जन कल्याण का अखंड ध्यास आदि बातों के कारण वे जनता के दिलो में जगह बना चुके है. प्रशासन का अनुभव समृद्ध था. कई बार मैं भी उनसे सलाह लेता. अजीत दादा विविध विषयों पर अधिकारपूर्वक चर्चा करते. महायुति में काम करते समय कई मुद्दों पर दिलखुलास संवाद करने की उनकी शैली मुझे भी प्रेरित करती. उनके साथ सहयोग से अनेक बातें सीखने मिली. अजीत दादा का जाना महाराष्ट्र पर टूट पडा एक बडा संकट है. देश ने दूरदर्शितापूर्ण नेतृत्व खो दिया है. मैंने अपना घनिष्ठ मित्र खो दिया है. मन अभी भी तैयार नहीं है कि, अजीत दादा अब हमारे बीच नहीं है. उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि! ईश्वर पवार परिवार और हम सभी को यह दुख सहन करने की शक्ति दें.

* जन्मदिन पर सदैव आशीर्वाद का फोन
जिले के सांसद व कांग्रेस नेता बलवंत वानखडे ने कहा कि, अजीत दादा का जाना समस्त महाराष्ट्र का बहुत बडा नुकसान है. वे अनूठे, दबंग राजनेता थे. सामान्य लोगों के कामों हेतु तत्पर रहते. विकास का दृष्टिकोन रखनेवाले और लोगों को न्याय दिलाने सदैव आगे रहने वाले नेता थे. शब्दों में बता नहीं सकते कि, महाराष्ट्र की कितनी बडी क्षति हुई है. मेरी व्यक्तिगत हानि है. मैंने अपना सच्चा मार्गदर्शक और अच्छा नेता खो दिया है. बलवंत वानखडे ने कहा कि, 2 जुलाई को उनके जन्मदिन पर अजीत दादा का बधाई फोन आता था. आशीर्वाद मिलता था. एक बार तो 8.30 बजे उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और 10 बजे वे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे. सांसद वानखडे ने कहा कि, महाराष्ट्र की राजनीति पर अजीत दादा पवार की छाप अमिट रहेगी.

* उत्तम राजनेता, दबंग व्यक्तित्व
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष भैया पवार ने कहा कि, अजीत दादा के असमय चले जाने से राज्य की अपरिमीत हानि हुई है. एक उत्तम राजनेता और शासन की समझ रखनेवाला दबंग व्यक्तित्व हमने गंवा दिया है. वित्त और जलसंपदा मंत्री रहते उनका कार्यकाल सदैव याद किया जाएगा. अजीत दादा की कार्यशैली के सभी दलों के लीडर और कार्यकर्ता कायल थे. भैया पवार ने कहा कि, अजीत पवार हरफनमौला नेता थे. उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि.


* दादा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
महाराष्ट्र के कोने-कोने को जानने वाले, आम जनता के सच्चे नेता आज हमारे बीच नहीं रहे. बेबाक और निर्भीक स्वभाव के अजित दादा राज्य की शान थे. पत्रकार के रूप में पत्रकारों की समस्याओं को लेकर उनसे तीन बार संवाद का अवसर मिला. ऊपर से कठोर दिखाई देने वाले दादा वास्तव में अत्यंत सरल, संवेदनशील और मानवीय थे. मंत्रालय के हर विभाग की गहरी जानकारी रखने वाले दादा कार्यकर्ताओं से दिल से जुड़े हुए नेता थे. उनका जाना महाराष्ट्र के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है. दादा को विनम्र भावपूर्ण श्रद्धांजलि.
– दिलीप एडतकर

* महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में चार दशकों का कार्यकाल
राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन की खबर से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर फैल गई है. उनके जाने से न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश की सत्ता के केंद्र में चार दशकों की प्रभावशाली राजनीतिक यात्रा का अंत हुआ है, यह भावना राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. गणेशराव खारकर ने व्यक्त की. डॉ. खारकर ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है. महाराष्ट्र की राजनीति के अजातशत्रु, सभी के प्रिय और मेरे अत्यंत पसंदीदा नेता माननीय अजित पवार के निधन से मन गहरे दुःख से भर गया है. उनकी दूरदृष्टि, स्पष्ट विज़न, मजबूत निर्णय क्षमता और कार्य करवाने की असाधारण कुशलता उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएं थीं. उन्होंने कहा कि अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकेगी. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकसंतप्त परिवार और असंख्य समर्थकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें. अजित पवार के अंतिम दर्शन के लिए डॉ. गणेशराव खारकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं.

* जनहित के लिए जीवन समर्पित करने वाला नेता हमसे बिछड़ गया
एक अनुभवी, दूरदर्शी और जनहित के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले माननीय उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार के दुःखद निधन से राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में अपूरणीय रिक्तता उत्पन्न हो गई है. लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक संतुलन तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी स्पष्ट और दृढ़ भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी. सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जो निष्ठा, नेतृत्व क्षमता और लोकसेवा की भावना प्रदर्शित की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी. ईश्वर से प्रार्थना है कि वे माननीय अजित दादा पवार की आत्मा को चिरशांति प्रदान करें तथा उनके परिवारजनों, सहयोगियों और असंख्य समर्थकों को इस कठिन समय में दुःख सहन करने की शक्ति दें.
– प्रा. डॉ. हेमंत देशमुख
शहर जिला अध्यक्ष, राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी, अमरावती

* राजनीति में अपूरणीय क्षति
माननीय अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी और कभी न भरने वाली रिक्तता उत्पन्न हो गई है. स्पष्ट वक्तव्य, निर्णयों में दृढ़ता और निर्भीक नेतृत्व उनकी प्रमुख पहचान थी. एक परिश्रमी, अध्ययनशील और सक्षम प्रशासक के रूप में उन्होंने अपने संपूर्ण राजनीतिक जीवन में जनसमस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. किसान, मजदूर, युवा तथा आम नागरिकों के हित में उन्होंने सदैव आक्रामक और प्रभावी भूमिका निभाई. परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, निर्णय लेने का साहस और उसकी जिम्मेदारी स्वीकार करने की प्रवृत्ति उनके नेतृत्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी. सामान्य जनता के हित में लिए गए निर्णय, विकासोन्मुख दृष्टिकोण और स्पष्ट कार्यशैली सदैव स्मरण में रहेगी. उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक अनुभवी, दूरदर्शी और प्रभावशाली नेता खो दिया है. यह क्षति राज्य के लिए अपूरणीय है.
– सुनील खराटे
भाजपा, अमरावती

* महाराष्ट्र की राजनीति का एक धधकता तूफान शांत हो गया
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और सशक्त, कार्यक्षम नेतृत्व के प्रतीक माननीय अजितदादा पवार का आज बारामती में हुए विमान हादसे में दुःखद निधन हो गया. प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़, स्पष्ट वक्तव्य और दिन-रात काम करने की अदम्य जिद के कारण उन्होंने जनमानस में एक अटल स्थान बनाया था. राज्य के विकास के लिए समर्पित यह नेतृत्व हमारे बीच से चला जाना महाराष्ट्र के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकेगी. उनका निर्भीक व्यक्तित्व और बुलंद आवाज सदैव स्मरण में रहेगी. महाराष्ट्र की बुलंद आवाज हमेशा के लिए शांत हो गई.
– गुणवंत देवपारे

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