अमरावती का होगा ‘इको-फ्रेंडली’ विकास
विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर रहेगा विशेष फोकस

* स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता
* नवनिर्वाचित उपमहापौर सचिन भेंडे का दैनिक अमरावती मंडल को दिए साक्षात्कार में कथन
अमरावती/दि.6- अमरावती शहर के विकास को पर्यावरण-संतुलित और ‘इको-फ्रेंडली’ स्वरूप देने का संकल्प नवनिर्वाचित उपमहापौर सचिन भेंडे ने व्यक्त किया है. उपमहापौर पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने दैनिक अमरावती मंडल को दिए अपने विशेष साक्षात्कार में कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा, ताकि शहर की प्रगति प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखते हुए हो.
उपमहापौर सचिन भेंडे ने कहा कि अमरावती के तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि विकास की दिशा ऐसी हो, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हो सके. उन्होंने बताया कि महानगरपालिका स्तर पर हरित क्षेत्र बढ़ाने, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है.
उन्होंने कहा कि वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा. उद्योगों, वाहनों और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. साथ ही सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देकर शहर को ऊर्जा-सक्षम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.
स्वच्छता को प्राथमिकता बताते हुए उपमहापौर भेंडे ने कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नियमित सफाई व्यवस्था, कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक उपयोग पर नियंत्रण और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया जाएगा. प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता अभियानों की प्रभावी निगरानी की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर बदलाव नजर आए. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार को लेकर उन्होंने कहा कि मनपा द्वारा संचालित स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा. विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ आम नागरिकों को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
उपमहापौर सचिन भेंडे ने यह भी कहा कि शहर का विकास जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही संभव है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाएं. साक्षात्कार के अंत में उपमहापौर ने कहा, अमरावती का विकास केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा. इको-फ्रेंडली विकास ही हमारी प्राथमिकता है.
* संयुक्त परिवार हैं उपमहापौर का
उपमहापौर सचिन भेंडे ने बताया कि उनका संयुक्त परिवार है. माता, पत्नी, दो भाई और बच्चों का उनका संयुक्त परिवार हैं. पत्नी दिपाली भेंडे गृहिणी हैं. जबकि उनके नितीन और प्रवीण नामक दोनों भाई सिविल इंजीनियर हैं. उनकी एक भाभी बाल कल्याण अधिकारी हैं. जबकि एक शिक्षिका हैं. सचिन भेंडे का बेटा 8 वीं कक्षा में पढ रहा हैं.
* 2014 के लोकसभा चुनाव से जुडे राणा दम्पति से
उपमहापौर सचिन भेंडे ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में अमरावती मंडल को बताया कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के समय से वे राणा दम्पति और युवा स्वाभिमान पार्टी से जुडे और उनके माध्यम से समाजसेवा का कार्य जारी हैं. वर्ष 2017 में मनपा चुनाव में वे कुछ वोटों से पराजीत हुए थे. लेकिन उसके बावजूद पूर्व सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा ने उन्हें अकेला नहीं छोडा. साईनगर प्रभाग में वे लगातार विकास कार्य करते रहे. राणा दम्पति का हमेशा सुख-दुख में सहयोग मिलता रहा हैं और सभी नागरिकों के मान-सम्मान हेतु वे प्रोत्साहित करते रहते हैं. इसी कारण उनके मार्गदर्शन में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने बडे सम्मान से उपमहापौर पद पर विराजमान किया ऐसा भी सचिन भेंडे ने कहा.
* बंगलुरू और इंदौर पैटर्न पर करेंगे काम
उपमहापौर सचिन भेंडे ने बताया कि उनका सपना शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का हैं. इसके तहत मनपा क्षेत्र के उद्यानों को बंगलुरू पैटर्न के मुताबिक सुधारना है. वर्तमान में नागरिकों के वॉकिंग के लिए उद्यानों में पेविंग ब्लॉक लगाकर ट्रैक बनाया जाता हैें. उसकी बजाय बंगलुरू में जीस तरह रेती के ट्रैक बनाए जाते हैं वह अमरावती में करना हैं. ऐसे ट्रैक एक्युप्रेशर के लिए अच्छे रहते है और नागरिकों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता हैं. इसी तरह मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक का इंदौर पैटर्न के मुताबिक शहर को स्वच्छ करने का प्रयास है. वह प्रयास कोनार्क कंपनी के माध्यम से पूरा करने का प्रयास उनका रहेगा.
* युवाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की जरूरत
उपमहापौर सचिन भेंडे ने अमरावती मंडल को बताया कि युवाओं के लिए वे मनपा क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण पर अधिक जोर देंगे. साथ ही मनपा की स्वास्थ्य सुविधा में भी सुधार लाने का प्रयास करेंगे. सरकार के 15 वें वित्त आयोग से फंड आता रहता हैं. इस कारण उस निधि का सदुपयोग कर शहर के जरूरतमंद और गरीब नागिरकों को सभी तरह की स्वास्थ्य सेवा मनपा दवाखानों में उपलब्ध कराई जाएगी. इसी तरह मनपा शालाओं का भी डिजिटलायजेशन करने का उनका प्रयास रहेगा. कम बजट में शिक्षा को कैसे मजबूत किया जा सकता है उस पर उनका विशेष जोर रहेगा.
* साफसफाई पर रहेगी नजर
नवनीर्वाचित उपमहापौर सचिन भेंडे ने बताया कि शहरवासियों को साफसफाई को लेकर काफी रोश हैं. इस कारण विधायक रवि राणा की मार्गदर्शन में और मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक के सहयोग से शहर की साफसफाई और स्वच्छता पर उनका विशेष ध्यान रहेगा और इंदौर पैटर्न के मुताबिक कोनार्क के माध्यम से शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने का उनका प्रयास रहेगा. साथ ही स्ट्रीट लाईट की खामियों को पूरा कर बिजली आपर्ति की समस्या हल करने पर उनका ध्यान रहेगा.
* मनपा की आय बढाना भी जरूरी
अमरावती मनपा की आय बढाने का एकमात्र स्त्रोत संपत्ति कर की वसूली हैं. नागरिकों को किसी भी तरह से परेशान न करते हुए संपत्ति कर की वसूली किस तरह से की जा सकती हैं. उस पर ध्यान देकर मनपा की आय बढाने के प्रयास किए जाएंगे, ऐसा भी उपमहापौर सचिन भेंडे ने अमरावती मंडल को दिए अपने साक्षात्कार में कहा.