
* वेदसेवा प्रतिष्ठान का स्तुत्य उपक्रम
अमरावती/दि.5– विगत 21 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत स्थानीय वेदसेवा प्रतिष्ठान द्वारा इस वर्ष भी सकल हिंदू समाज के जनेऊ योग्य बच्चों के लिए सामूहिक उपनयन संस्कार का आयोजन आज गुरूवार 5 मई को स्थानीय नवाथे परिसर स्थित सिध्दार्थ मंगलम में किया गया, जिसमें 11 बटुकों का उपनयन संस्कार किया गया. इस अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर रहनेवाले परिवारों की दो विवाहयोग्य कन्याओं का भी वेदसेवा प्रतिष्ठान द्वारा अपने खर्च पर विवाह करवाया गया.
उल्लेखनीय है कि, वेदसेवा प्रतिष्ठान द्वारा प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया पर्व के आसपास सामूहिक उपनयन संस्कार व सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाता है. यह सिलसिला विगत 21 वर्षों से अनवरत चलता आ रहा है और विगत दो वर्षों के दौरान कोविड संक्रमण के चलते यह आयोजन नहीं हो पा रहा था. ऐसे में यह इस आयोजन का 19 वां वर्ष रहा. विशेष उल्लेखनीय है कि, इस आयोजन में समाज के सभी वर्गों के लिए प्रवेश व सहभाग पूरी तरह से खुला व नि:शुल्क होता है तथा उपनयन संस्कार व विवाह पर होनेवाला खर्च वेदसेवा प्रतिष्ठान द्वारा वहन किया जाता है.
आज आयोजीत कार्यक्रम में प्रसाद अरूण शिंगणवाडीकर, सर्वज्ञ सोमेश्वर जोशी, श्रीवल्लभ मनोहर जोशी, श्रेयस श्रीकांत आगाशे, अनय राम कस्तुरे, आदित्य निखिल कस्तुरे, प्रथमेश विनोद जोशी, सार्थक विवेक कोरान्ने, वेदज्ञ विवेक कोरान्ने, वेदांत विलास ताडे, अनुज लक्ष्मीनारायण जोशी का उपनयन संस्कार किया गया. साथ ही दो विवाहयोग्य कन्याओं का विवाह भी करवाया गया.
इस अवसर पर वेदसेवा प्रतिष्ठान के मिलींद देशपांडे, गणेश जोशी, पं. राहुल वाठोडकर, पवन पणजकर, शुभम कुलकर्णी, प्रतिक देशपांडे, श्रीरंग जोशी, राहुल भिरंगी, योगेश जोशी, गोवर्धन पुराणिक, भाउ सदाव्रती, नितीन हलवे, सचिन कुसरे, सचिन पंढरीकर, श्रीहरी चोपडे, कुमार लेंघे, प्रथमेश सप्रे, प्रवीण जोशी, सतीश जोशी आदि सहित सभी बटुकों एवं वर-वधु के माता-पिता व परिजन तथा समाजबंधू उपस्थित थे.