अमरावती

एक सप्ताह में 11 वाहन चोरी

 व्यवसायिक परिसर सहित बाहरी इलाके निशाने पर

अमरावती/दि.11- अगस्त माह के पहले सप्ताह दौरान अमरावती शहर में 11 वाहन चुरा लिये गये. जिसमें 2 कार व 9 दुपहिया वाहनोें का समावेश है. इसमें से एक मामले में लोगों की सतर्कता के चलते चोर की पिटाई करते हुए कार वापिस हासिल की गई. किंतु अन्य 10 वाहनों का अब तक कोई पता नहीं चला है. हालांकि विगत दिनों नागपुरी गेट व अपराध शाखा ने कुछ दुपहिया चोरों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद दुपहिया चोरी के मामले अब तक रूके नहीं है.
विगत कुछ समय से शहर में वाहन चोरी के मामलों में जबर्दस्त तेजी आयी हुई है और आये दिन अलग-अलग पुलिस थानों में वाहन चोरी से संबंधित शिकायतेें दर्ज हो रही है. जिसके तहत अलग-अलग स्थानोें पर पार्क किये गये वाहनों को चोरों द्वारा चुरा लिया गया. जिन्हें लेकर सिटी कोतवाली, राजापेठ, खोलापुरी गेट, बडनेरा, गाडगेनगर, फ्रेजरपुरा जैसे पुलिस थानोें में शिकायतें दर्ज करायी गई है. वहीं वाहन चोरोें के बडे रैकेट का पर्दाफाश करने के बावजूद भी दुपहिया वाहनों की चोरी का सिलसिला रूका नहीं है.
इन दिनों अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद व्यापार-व्यवसाय धीरे-धीरे पहले की तरह सामान्य हो रहा है और लोगबाग अपने कामकाज के लिए बडे पैमाने पर बाजारों में आ रहे है. इस बात का फायदा उठाते हुए चोरों द्वारा बाजार परिसर में पार्क किये गये वाहनों की चोरी की जा रही है. जारी अगस्त माह के पहले आठ दिनोें में ही वाहन चोरी से संबंधित करीब दस मामले विविध पुलिस थानों में दर्ज हुए है. जिनमें सर्वाधिक दुपहिया वाहन चोरी हुए. ऐसी घटनाओं की वजह से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को काफी नुकसान का सामना करना पडता है.

*नई पध्दति से काम कर रहे चोर

दुपहिया वाहन चुराने के बाद उसके स्पेअर पार्ट खोलकर उनकी बिक्री करने की पध्दति इन दिनों चोरों द्वारा अपनायी जा रही है. जिसकी वजह से चोरी गये वाहनों और चोरों को खोजना पुलिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, पुलिस द्वारा समय-समय पर आवाहन किया जाता है कि, बिना वैध दस्तावेजों के सेकंडहैण्ड वाहन न खरीदे जाये, लेकिन इसके बावजूद बिना दस्तावेजो के वाहन खरीदी-बिक्री करने का प्रमाण काफी अधिक बढ गया है, क्योंकि 50-60 हजार रूपये का दुपहिया वाहन 15 से 20 हजार रूपये में मिलने की वजह से लोगबाग ऐसे वाहन खरीदना पसंद भी करते है. किंतु ऐसे वाहन खरीदने के बाद उन्हें कई बार पुलिस कार्रवाई के झमेले का सामना करना पडता है.
* इस पध्दति से की जाती है चोरी
वाहन चोरों द्वारा खासतौर पर हैण्डल लॉक नहीं रहनेवाले दुपहिया वाहनोें को निशाना बनाया जाता है और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए एक ही समय पर एक से अधिक दुपहिया वाहन चुराये जाते है और वाहन चुराने के बाद उनके स्पेअर पार्ट निकालकर बेच दिये जाते है. कई बार वाहन को मॉडीफाईड करने के साथ ही उनके नंबर प्लेट बदलकर बेच दिया जाता है. चुराये गये वाहनों के स्पेअर पार्ट की बिक्री में कई मैकेनिकों का भी सहभाग रहने की बात सामने आयी है.

* एैश करने के लिए चोरी

दुपहिया वाहन चोरों में कई युवाओं का समावेश रहने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आयी है, जो केवल एैश करने और विलासितापूर्ण जिंदगी जीने के लिए चोरी करते है. ऐसी कबूली खुद एक-दो मामलों में वाहन चोरों ने पुलिस के सामने दी है. वहीं नागपुरी गेट पुलिस द्वारा सुलझाये गये दुपहिया चोरी के मामले में एक अल्पवयीन का भी समावेश रहने की जानकारी सामने आयी थी.

* इन स्थानों पर हुई चोरी

पुलिस थाना             स्थान                                   तारीख
कोतवाली           संत कंवरराम मार्केट                     31 जुलाई
फ्रेजरपुरा            नेताजी मंडल                                1 अगस्त
राजापेठ होटल      कन्हैय्या कुंज                              1 अगस्त
बडनेरा             साहिल   लॉन परिसर                       2 अगस्त
गाडगेनगर         लक्ष्मी नगर                                  4 अगस्त
कोतवाली         जोशी मार्केट                                    4 अगस्त
खोलापुरी गेट      एचवीपीएम                                  5 अगस्त
बडनेरा            हॉकी ग्राउंड                                     5 अगस्त
राजापेठ             गणपति मंदिर                              6 अगस्त
गाडगेनगर        न्यू माधवी विहार                           7 अगस्त
वलगांव           कामुंजा शिवार                                7 अगस्त

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