नियमित सहित 4 प्रतिक्षा सूचियों के बाद भी आरटीई की 1190 सीटें रिक्त
शालाओं की फिस भारी भरकम रहने के बावजूद नि:शुल्क प्रवेश की अनदेखी

अमरावती /दि.8- आर्थिक रुप से पिछडे रहने वाले अभिभावकों के पाल्यों को नामांकित अंग्रेजी शालाओं में आरटीई अंतर्गत नि:शुल्क प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराया गया है. परंतु इस बार ऐसी शालाओं में चयन होने के बावजूद भी कई अभिभावकों ने नि:शुल्क प्रवेश को पीठ दिखा दी है. इन दिनों अंग्रेजी माध्यम वाली शालाओं में पढने हेतु भारी भरकम प्रवेश शुल्क व फिस अदा करना पडता है. इसके बावजूद नि:शुल्क प्रवेश की अनदेखी कैसे की जा सकती है. यह अपने आप में बडा सवाल है.
बता दें कि, आरटीई अंतर्गत पंजीकृत रहने वाली जिले की 236 निजी शालाओं में वंचित व पिछडे वर्ग के विद्यार्थियों हेतु आरक्षित रहने वाली 3379 सीटों पर प्रवेश हेतु राज्यस्तर पर निकाले गए ड्रा में 2077 विद्यार्थियों का चयन किया गया है. जिन्हें अपना प्रवेश निश्चित करने हेतु 3 बार समयावृद्धि दी गई. परंतु इसके बावजूद भी इसमें से 1190 सीटें अब तक रिक्त है. चयन सूची में रहने वाले पाल्यों की प्रवेश प्रक्रिया के बाद रिक्त रहने वाली सीटों के लिए 4 राउंड में प्रतीक्षा सूची वाले बच्चों को प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराया गया. लेकिन एक भी राउंड में 100 फीसद विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं हुआ. जिसके चलते रिक्त रहने वाली इन सीटों को देखते हुए सवाल पैदा हो रहा है कि, आर्थिक रुप से पिछडे रहने वाले अभिभावकों द्बारा अपने बच्चों के लिए नि:शुल्क प्रवेश की अनदेखी कैसे कर सकते है.
* आरटीई की सीटें 3379, प्रवेश हुए 2077
इस बार जिले की 236 शालाओं मेें आरटीई प्रवेश हेतु 3379 सीटें आरक्षित थी. जिसमें से अंतिम सूची में रहने वाले 2077 विद्यार्थियों के प्रवेश हुए. वहीं 112 आवेदन अन्य कारणों के चलते रद्द हो गए.
* शालाओं की फिस भारी भरकम
अंग्रेजी माध्यम वाली शालाओं की फिस काफी भारी भरकम रहती है. शिक्षा शुल्क के साथ ही विविध कार्यक्रम, बस किराया व गणवेश आदि पर अच्छा खासा पैसा खर्च होता है.
– बढती महंगाई व कम आय के चलते अभिभावकों के लिए बच्चों की पढाई लिखाई का खर्च उठाना काफी मुश्किल रहता है.
* 13 अप्रैल से शुरु हुए प्रवेश
वर्ष 2023-24 के शैक्षणिक सत्र हेतु 25 फीसद आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत पहला ऑनलाइन ड्रा 5 अप्रैल को हुआ. जिसके बाद 12 अप्रैल से चयन किए गए पाल्यों के अभिभावकों को मैसेज भेजने शुरु किए गए है और 13 अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया शुरु की गई. इसके बाद अब तक नियमित सूची सहित प्रतीक्षा सूची की 4 फेरिया पूर्ण हो चुकी है. लेकिन इतने राउंड के बावजूद कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का सूची में नाम रहने के बावजूद आरटीई के तहत आरक्षित सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश नहीं कराया है. जाहीर तौर पर ऐसे बच्चों का किसी अन्य शाला में शैक्षणिक शुल्क भरकम ही प्रवेश हुआ होगा. इसके चलते यह सवाल उठाया जा रहा है कि, नि:शुल्क प्रवेश का पर्याय उपलब्ध रहने के बावजूद भी अभिभावकों द्बारा अपने बच्चों का आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश क्यों नहीं कराया गया.
* किस तहसील में कितनी सीटें रही रिक्त
तहसील रिक्त सीटें प्रवेश
अचलपुर 130 136
अमरावती 89 280
मनपा क्षेत्र 572 652
अंजनगांव सुर्जी 51 86
भातकुली 16 56
चांदूर बाजार 70 134
चांदूर रेल्वे 37 45
चिखलदरा 00 05
दर्यापुर 129 157
धामणगांव 86 122
धारणी 38 45
मोर्शी 136 204
नांदगांव खंडे. 49 73
तिवसा 43 72
वरुड 202 243