
अमरावती/दि.22- जिले में गत एक वर्ष में 1877 लोगों को सर्पदंश हुआ था. जिसमें से तत्काल उपचार कर सरकारी चिकित्सकों और उनके सहायकों ने 1861 लोगों को बचा लिया. 16 लोगों की मृत्यु सर्पदंश से हो जाने की जानकारी जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन ने दी. जिला अस्पताल में 932 लोगों को सर्पदंश के कारण लाया गया था. केवल 12 लोगों को लाख उपचार के बाद भी बचाया न जा सका. एक-एक मृत्यु वरुड और नांदगांव खंडेश्वर तथा दो लोगों की जान चुर्णी में गई है. उल्लेखनीय है कि इर्विन अस्पताल के बाद धारणी और चुर्णी में ही सबसे ज्यादा सर्पदंश के मामले दाखिल हुए थे.
उल्लेखनीय है कि तेजी से वन्य जमीन कम हो रही है. जिससे पशु और सर्पीले जीव भी शहरी बस्तियों की तरफ बढ़ रहे हैं. जिससे अमरावती जिले के पर्वतीय और खेती बाड़ी के क्षेत्र में नाग, घोणस, मण्यार, धामन आदि प्रजाति के सांप पाए जाते हैं. गलती से सांप पर पैर गिर जाने से सर्पदंश की घटनाएं होती है. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2021-22 की तुलना में 22-23 में सर्पदंश के प्रकरण अधिक है.
सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश व मृत्यु
अस्पताल सर्पदंश मृत्यु
इर्विन 932 12
अंजनगांव 19 0
भातकुली 7 0
चांदूर बाजार 83 0
चांदूररेल्वे 35 0
चिखलदरा 5 0
चुरणी 103 2
धामणगांव रेल्वे 13 0
नांदगांवखंडेश्वर 28 1
वरुड 94 1
प्रा.केंद्रअचलपुर 167 0
दर्यापुर 63 0
धारणी 104 0
मोर्शी 90 0
तिवसा 34 0
कुल 1877 16