प्यार के झांसे में फंसकर घर से भागी 180 नाबालिग लडकियां
154 को ढुंढकर वापिस लाने में मिली सफलता

* शेष गुमशुदाओं की पुलिस लगातार कर रही खोज
अमरावती/दि.18 – इन दिनों सोशल मीडिया के अतिप्रयोग से नाबालिग लडकियों के किसी के साथ प्रेम जाल में फंस जाने और फिर घर से भाग जाने का प्रमाण काफी अधिक बढ गया है. जिसके बाद संबंधित नाबालिगों के परिजनों द्वारा पुलिस थाने पहुंचकर अपनी बच्चियों के लिए गुहार लगाई जाती है. विगत 11 माह के दौरान ग्रामीण पुलिस में 18 वर्ष से कम आयु वाली नाबालिग लडकियों के अपहरण को लेकर 180 मामले दर्ज हुए है. जिसमें से 154 मामलों में सफलतापूर्वक जांच करते हुए पुलिस ने 154 नाबालिग लडकियों को खोजकर उन्हें दोबारा उनके परिजनों के हवाले किया. साथ ही शेष गुमशुदा नाबालिग लडकियों की सघन तरीके से तलाश की जा रही है.
उल्लेखनीय है कि, इन दिनों कई नाबालिग लडके-लडकियां पूरी तरह से सोशल मीडिया के आदि हो चुके है. इस बात का फायदा उठाते हुए नाबालिग लडकियों को प्यार का झांसा व विवाह का प्रलोभन देते हुए घर से भगा लिया जाता है. जिसमें से कुछ नाबालिग लडकियां आगे चलकर मानव तस्करी का शिकार भी होती है. ऐसे नाबालिगों को खोजने की चुनौती स्वीकार करते हुए ग्रामीण पुलिस के एएचटीयू यानि अनैतिक मानवी वाहतुक प्रतिबंधक कक्ष ने विगत 11 माह में 154 नाबालिग लडकियों को खोज निकाला तथा उन्हें उनके अभिभावकों के हवाले किया गया. खास बात यह रही कि, इस दौरान कई विवाहित महिलाएं भी अपना सुखी संसार छोडकर क्षणिक सुख के लोभ में फंसते हुए अपना घर छोडकर भाग जाती है. इसमें से कई विवाहित महिलाओं को विवाह का झांसा देकर भगा लिया जाता है. ऐसे मामले भी सामने आये है.
* 12-14 वर्ष की बच्चियों को विवाह का झांसा
खास बात यह है कि, कक्षा 5 वीं व 7 वीं में बढने वाली 12-14 साल की बच्चियां भी प्यार और शादी के झांसे में फंसकर अपने घरों से भाग रही है, ऐसी जानकारी जिले के ग्रामीण पुलिस थानों में दर्ज कई मामलों के जरिए सामने आयी है.
* पुलिस ने चला रखा है ‘ऑपरेशन मुस्कान’
18 वर्ष से कम आयु वाले नाबालिग बच्चों के लापता हो जाने पर उन्हें खोजने हेतु ग्रामीण पुलिस द्वारा ऑपरेशन मुस्कान चलाया जाता है. सन 2023 में 18 वर्ष से कम आयु वाली लडकियों के अपहरण को लेकर 195 मामले दाखिल हुए. जिसमें से 191 मामलों की सफलतापूर्वक जांच की गई. वहीं नाबालिग लडकों के अपहरण को लेकर 23 मामले दर्ज हुए थे और सभी 23 नाबालिगों को सुरक्षित खोजा गया.
* कई मामलों में अपहरणकर्ता भी नाबालिग
किसी नाबालिग लडकी के घर से लापता हो जाने की शिकायत मिलते ही पुलिस द्वारा अपहरण का मामला दर्ज किया जाता है. ऐसे मामलों की जांच में कई बार पता चलता है कि, अपहरण करने वाला लडका भी नाबालिग ही है. खास बात यह है कि, इन दिनों नाबालिग लडकों का विभिन्न तरह के अपराधों में जानबुझकर प्रयोग किया जा रहा है. जिसके चलते नाबालिग आरोपियों यानि विधि संघर्षित बालकों की संख्या भी लगातार बढ रही है.
* जारी वर्ष में जनवरी से नवंबर तक 11 माह के दौरान 18 वर्ष से कम आयु वाले लडके लडकियों के अपहरण को लेकर 202 अपराधिक मामले दर्ज हुए जिसमें से 174 मामलों को उजागर करने में सफलता मिली है. ऐसे ज्यादातर मामलों के पीछे विवाह का झांसा ही प्रमुख वजह रहती है.
– किरण वानखडे,
पुलिस निरीक्षक,
अनैतिक मानवीय वाहतुक प्रतिबंधक कक्ष.
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