10 रुपए की स्याही से बचने 23 लाख का खर्च!
पैसों की बर्बादी का विद्यापीठ में अजब-गजब नमूना

अमरावती /दि.13– करीब 3-4 वर्ष पहले परीक्षा संचालक की टेबल पर हुए स्याही फेंक मामले में से डरकर परीक्षा विभाग के चारों ओर पक्की सुरक्षा दीवार बनाने का अजब निर्णय लिये जाने के चलते विद्यापीठ को करीब 23 लाख रुपए का चूना लगने की बात विगत सप्ताह हुई सिनेट की बैठक में सामने आयी. जिसे लेकर अच्छा खासा हंगामा भी मचा.
परीक्षा विभाग की इमारत के चारों ओर बेहद मजबूत सुरक्षा दीवार बनाने के उद्देश्य, उस पर हुए खर्च और उसकी उपयोगिता के संदर्भ में पूछे गये प्रश्न को लेकर दिये गये जवाब में इस इमारत को बनाने हेतु 23 लाख रुपए खर्च होने की बात सामने आयी. इस प्रश्न पर बोलते हुए प्रा. डॉ. कुटे ने सभागृह को बताया कि, उनके महाविद्यालय में इसी तरह की दीवार बनाने हेतु मात्र 8 से 9 लाख रुपए खर्च हुए, तो फिर विद्यापीठ के परीक्षा विभाग में ऐसे किस मटेरियल से दीवार का निर्माण किया गया कि, एक दीवार बनाने पर 23 लाख रुपए का खर्च हो गया. जिस पर जवाब देते हुए विद्यापीठ के अभियंता द्वारा बताया गया कि, वस्तुत: 32 लाख रुपए का निर्माण प्रस्थापित था. परंतु हकीकत में इसे केवल 23 लाख रुपए में पूरा कर लिया गया. इस काम के लिए सभी प्राधिकरणों के समक्ष विषय प्रस्तुत किया गया था. साथ ही विद्यापीठ के अभियंता ने अन्य सवालों का भी विस्तुत जवाब दिया. परंतु दीवार की उपयोगिता क्या है, दीवार बना देने से छात्रों के मोर्चे रुक गये क्या और दीवार बना देने का उद्देश्य सफल हो गया क्या, जैसे सवालों पर विद्यापीठ प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा सका. इस चर्चा में डॉ. प्रवीण रघुवंशी व डॉ. विघे ने भी हिस्सा लिया.
* परीक्षा विभाग सभी के लिए खुला
कुलगुरु ने मौजूदा परीक्षा संचालक डॉ. नितिन कोली को इस संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करने कहा, तो डॉ. कोली ने कहा कि, परीक्षा विभाग सभी के लिए खुला हुआ है और यहां आने-जाने को लेकर किसी पर कोई रोक टोक नहीं है. ऐसे में अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि, अगर परीक्षा विभाग सभी के लिए खुला हुआ है, तो फिर परीक्षा विभाग के चारों ओर इस उंची सुरक्षा दीवार की क्या जरुरत थी.