अमरावतीमहाराष्ट्रमुख्य समाचार

संभाग के 289 प्रकल्प 87 फीसद लबालब

इस बार सिंचाई व पेयजल हेतु पानी की नहीं रहेगी किल्लत

* गत वर्ष की तुलना में 50 फीसद अधिक जलसंग्रह
अमरावती/दि.5 – अमरावती सहित अकोला, यवतमाल, वाशिम व बुलढाणा इन 5 जिलों में स्थित सभी छोटे-बडे व मध्यम सिंचाई प्रकल्पों में इस समय 87 फीसद से अधिक जलसंग्रहण है, जो गत वर्ष की तुलना में 15 फीसद से अधिक है. ऐसे में पश्चिम विदर्भ के बांधों में इस बार रहने वाले भरपूर जलसंग्रहण के चलते इस वर्ष गर्मी के मौसम के दौरान पानी की किल्लत महसूस नहीं होगी और पेयजल सहित खेतों की सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी उपलब्ध रहेगा.
बता दें कि, 5 जिलों का समावेश रहने वाले पश्चिम विदर्भ में 9 बडे, 27 मध्यम व 253 लघु सिंचाई प्रकल्प है. जिसमें से अमरावती जिले में 1 बडा, 7 मध्यम व 48 लघु सिंचाई प्रकल्पों का समावेश है. वहीं यवतमाल जिले में 3 बडे, 6 मध्यम व 65 लघु ऐसे कुल 74 सिंचाई प्रकल्प है और अकोला में 30, वाशिम में 78 व बुलढाणा जिले में 51 सिंचाई प्रकल्प है. पश्चिम विदर्भ के इन सभी 289 सिंचाई प्रकल्पों की जलसंग्रण क्षमता 3 हजार 102 दलघमी है और सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस समय इन सभी बांधों में 2719 दलघमी जलसंग्रहण है. जो कुल क्षमता की तुलना में 87.66 है. इसमें से वाशिम व बुलढाणा जिले के प्रकल्पों में 92 फीसद से अधिक जलसंग्रहण रहने की जानकारी है.
विगत 5 वर्ष के आंकडों को देखते हुए कहा जा सकता है कि, विदर्भ के सिंचाई प्रकल्पों में प्रति वर्ष 2 से 3 फीसद की वृद्धि हो रही है. गत वर्ष इन 289 प्रकल्पों में 2247 दलघमी यानि 72 फीसद जलसंग्रहण था, जो इस वर्ष 2719 दलघमी यानि 87.67 फीसद हो गया है. जिसका सीधा मतलब है कि, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जलसंग्रहण की स्थिति में सीधे 15 फीसद का उछाल आया है. ऐसे में उम्मीद जतायी जा रही है कि, इस वर्ष रबी सीजन सहित गर्मी के मौसम दौरान सिंचाई व पेयजल के लिए पानी को लेकर कोई समस्या उत्पन्न नहीं होगी.

* जिला निहाय जलसंग्रहण की स्थिति
जिला जलसंग्रहण (दलघमी) प्रतिशत
अमरावती    56,894.33       85.39
अकोला       30,321.08      88.14
यवतमाल    74,744.73       85.69
वाशिम       78,331.57       92.27
बुलढाणा    51,428.06       92.57
कुल          28,92,719.40   87.67

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