शिक्षाधिकारी कार्यालय में तोडफोड करनेवाले 3 आरोेपियों को सजा
दो महिला बरी, जिला न्यायालय का फैसला

अमरावती/ दि. 24- शिक्षाधिकारी कार्यालय में जाकर प्रवेश के लिए दो महिला समेत 5 आरोपियों ने कार्यालय में तोडफोड की. शिक्षाधिकारी नवनाथ खेनट भी घायल हुए. सरकारी कामकाज में बाधा निर्माण की. इसकी शिकायत गाडगेनगर पुलिस थाने में दर्ज होने के बाद जिला न्यायालय क्रमांक 3 के न्यायमूर्ति आरवी तामनेकर की अदालत में आरोपी ज्ञानेश्वर उर्फ नाना नागमोते, नाना जाधव, अशोक कैथवास को दोषी करार देते हुए अदालत उठने तक सजा और 2 हजार रूपए जुर्माना. जुर्माना न भरने पर दो माह कारावास, इसी तरह 3 हजार रूपए जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 3 माह कारवास, 500 रूपए जुर्माना न भरने पर 15 दिन कारावासा की सजा सुनाई. दो महिला आरोपियों को सबूतोूं के आभाव में बाइज्जत बरी किया.
ज्ञानेश्वर उर्फ नाना दादाराव नागमोते (नानक शाहीवाडा, नमुना गली), नाना मोहन जाधव (आसरा तह. भातकुली), अशोक रामदास कैथवास (शिवणी खुर्द, तह. भातकुली)यह तीनों सजा पानेवाले आरोपियों के नाम है. शिक्षाधिकारी नवनाथ खेनट की ओर से ऋषिकेट कोकाटे ने गाडगेनगर पुलिस थाने में दी शिकायत के अनुसार शिक्षाधिकारी कार्यालय में कार्यरत थे. 17 जुलाई 2006 को पांचों आरोपी शिक्षाधिकारी कार्यालय में पहुंचे और शिक्षाधिकारी से प्रवेश लेने के बारे में विवाद निर्माण किया. कांच की कैबिन, लाइट, कुर्सी की तोडफोड की, इसमें शिक्षाधिकारी भी घायल हुए. जानबूझकर तोडफोड करते हुए सरकारी काम में बाधा निर्माण की. इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर तहकीकात के बाद दोषारोपपत्र अदालत में दायर किया. सरकारी पक्ष की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील प्रशांत देशमुख ने दलीले पेश की. पैरवी अधिकारी के रूप में मुरली डोईजड, बाबाराव मेश्राम, अरूण हटवार ने सहयोग किया.