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शहरी क्षेत्र में ज्यादा भिड
अमरावती/दि.10 – जिले में अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 के बीच 43 हजार 156 गर्भवती महिला के नाम दर्ज किये गए. उसकी तुलना में 46 हजार 572 महिलाओं की प्रस्तुति दर्ज की गई. इसमें 3416 प्रसुति अधिक हुई है. इसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों व्दारा सही ढंग से दर्ज नहीं किया जाता क्या? ऐसा संदेह उपस्थित किया जा रहा है. प्रसुति के लिए 3 हजार से अधिक महिलाएं आयी कहा से यह भी प्रश्न निर्माण हुई है.
सभी तहसील के स्वास्थ्य केंद्र में प्रसुति की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा ग्रामीण अस्पताल, उपजिला अस्पताल, शहर में जिला महिला अस्पताल समेत अन्य सेवाभावी अस्पताल व निजी अस्पताल है. सरकारी अस्पताल की अपेक्षा निजी अस्पताल में प्रसुति पर जोर दिया जाता है. ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी अस्पताल को महत्व देते है, इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र से अमरावती के निजी अस्पताल में प्रसुति कराने की संख्या भी ज्यादा है.
महापालिका व जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग व्दारा 10 माह में प्राप्त हुए आंकडों के अनुसार शहर में 17 हजार 328, ग्रामीण में 25 हजार 828 ऐसे कुल 43 हजार 856 गर्भवती माताओं के नाम दर्ज किये गए. इसी समयावधि में ग्रामीण में 6 हजार 519 व शहर में 40 हजार 053 ऐसे कुल 46 हजार 572 महिला की प्रसुति दर्ज की गई. इसमें मनपा क्षेत्र में 9 हजार 914 निजी अस्पताल में 13 हजार 838 महिलाओं की प्रसुति हुई, ऐसी स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट प्राप्त हुई है. मगर तुलना में सरकारी की अपेक्षा निजी अस्पतालों की ओर ज्यादा जोर दिखार्ई दिया.
सबसे ज्यादा प्रसुति अमरावती में
स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा प्रसुति अमरावती तहसील में है. इसमें ग्रामीण में 7 हजार 866 व मनपा क्षेत्र में 9 हजार 914 महिलाओं की प्रसुति हुई. इसके अलावा निजी अस्पताल में 13 हजार 838 प्रसुति हुई है.
सबसे कम चांदूर रेलवे में
चांदूर रेलवे तहसील के ग्रामीण में 836 व शहर में 270 ऐसे कुल 1 हजार 106 गर्भवती महिलाओं के नाम दर्ज है और ग्रामीण क्षेत्र में 35 और शहर में 108 ऐसे कुल 143 महिलाओं की प्रसुति हुई ऐसा जिला स्वास्थ्य विभाग ने बताया.
गर्भवती का पंजीयन ससुराल और प्रसुति मायके में
गर्भवती का पंजीयन ससुराल में करीबी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जाता है. ऐसे में गर्भवती महिला कई बार प्रसुति के लिए मायके जाती है. इसके कारण गर्भवती का पंजीयन मायके में और प्रसुति पंजीयन ससुराल में न होने की बात सामने आती है. ऐसी स्थिति में सभी तहसीलों के आंकडों में फर्क है.
जिले में 1 हजार बालक के पीछे 946 बालिका
– स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार 1 हजार बालकों के पीछे बालिकाओं की जन्मदर 946 ही है.
– इसमें धामणगांव तहसील में 1 हजार बालकों के पीछे 965 बालिकाओं की जन्मदर है.
– मेलघाट के दुर्गम क्षेत्र व कुछ ग्रामीण क्षेत्र में लडकियों की जन्मदर तहसील की तुलना में अधिक है.
तहसील निहाय गर्भवती व प्रसुति पंजीयन
तहसील गर्भवती प्रसुति
अचलपुर 3993 3121
अमरावती 1732 7866
अंजनगांव सुर्जी 1989 443
भातकुली 1303 230
चांदूर बाजार 2499 314
चिखलदरा 2518 1950
चांदूर रेलवे 1106 143
दर्यापुर 2135 586
धामणगांव रे. 1677 289
धारणी 4028 4332
मोर्शी 2242 692
नांदगांव खं. 2131 342
तिवसा 1396 194
वरुड 2788 2318
मनपा क्षे. 11219 9914
निजी अस्पताल 0000 13838
कुल 43156 46572