24 वर्ष में 49 हजार किसानों ने कि आत्महत्या

अमरावती/दि.20– राज्य मे पिछले 24 सालों में 49 हजार किसानों ने आस्मानी सुल्तानी संकट के चलते आत्महत्या कि है. जिसमें सर्वाधिक 21,120 किसान आत्महत्या पश्चिम विदर्भ मे हुई है. वही मराठवाडा में 12,512 किसानों ने परेशानी के चलते आत्महत्या की है. किसानो का जिवन स्तर सुधारने के लिए कृषि विभाग व्दारा 35 योजना चलाई गई फिर भी डिबीटी की लॉटरी पध्दती की वजह से जरूरतमंद किसानों को लाभ मिलेगा या नही इस बात की गॉरंटी न होने की वजह से निराश होकर किसान आत्महत्या कर रहे है.
पश्चि विदर्भ में 5 पुर्व विदर्भ मे 1 और मराठवाडा के 8 इस प्रकार से 14 जिलों में किसान आत्महत्या स्वतंत्र रूप से दर्ज की जाती है. अमरावती संभाग के पाच जिलों मे पिछले वर्ष 1,051 नागपूर संभाग के वर्धा जिले में 104 तथा छत्रपती संभाजी नगर संभाग में 948 इस प्रकार से 2,103 किसानों ने आत्महत्या की जिसमें 981 प्रकरण शासन की मदत के लिए पात्र है. तथा 414 प्रकरण अपात्र है और 711 प्रकरण प्रलंबित है.
किसान आत्महत्या
यवतमाल- 6,230
अमरावती – अमरावती संभाग- 5,404
बुलढाणा- 4,453
आकोला- 3,141
वाशिम- 2,058
नागपुर संभाग
वर्धा – 2,464
छ.संभाजी नगर संभाग-
बिड- 3,170
नांदेड- 2,012
धाराशिव- 1,738
छ. संभाजी नगर- 1,681
परभणी- 1,251
जालना- 1,079
लातुर- 985
हिंगोली- 576
आत्महत्या प्रकरण में 23 जनवरी 2006 के आदेशा नुसार 1 लाख रूपये कि मदत दि जाती है. जिसमें 30 हजार रूपये का चेक तथा 70 हजार रूपयें पोस्ट/बॅक की मासिक प्राप्ती योजना में मृत किसान के वारिस के नाम जमा कि जाति है.मदत निधी में पिछले 19 वर्षो से वृध्दी नही कि गई.