
* 1958 गांवों में पशु गणना, 223 प्रगणक और 56 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
अमरावती/ दि. 21– 25 नवंबर 2024 से पशु गणना की शुरूआत कर दी गई है. 28 फरवरी तक यह अभियान चलाया जायेगा. जिले में अब तक पशु गणना का 55 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है. पशुओं की गणना के लिए पशुधन पर्यवेक्षक पदवी का अभ्यासक्रम पूर्ण करनेवालों की नियुक्ति की गई है. इस अभियान अंतर्गत गाय, भैस, बकरी, भेड, अश्व, वरहा आदि की गणना की जाती है. पशु गणना की वजह से पशुओं की संख्या स्पष्ट होती है और उसी के अनुसार शासन द्बारा नीति व योजना तय की जाती है और निधि उपलब्ध की जाती है. इसके अलावा पशु वैद्यकीय अस्पताल कार्यक्षेत्र में कितने पशु है. उसके अनुसार टीकाकरण के लिए औषधियां उपलब्ध करवाई जाती है. पशु संवर्धन विभाग की ओर से हर 5 सालों में पशुओं की गणना की जाती है. पिछली पशु गणना साल 2019 में की गई थी.
इस साल जिले के 1958 गांवों में पशु गणना की जायेगी. जिसमें 806 गांवों में पशु गणना का काम शुरू हैै तथा 713 गांवों में काम की शुरूआत नहीं हुई है. डेढ माह में पशु संवर्धन विभाग को पशु गणना का काम करना होगा. जिसके लिए ग्रामीण व शहरी ऐसे दो भाग बनाए गये हैं. ग्रामीण भाग में 233 प्रगणक और 56 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. वहीं शहरी भाग में 50 प्रगणक और 15 पर्यवेक्षकों के माध्यम से पशु गणना का कामकाज शुरू है. पशु गणना का कार्य 28 फरवरी तक पूर्ण करना होगा.
पशु गणना के लिए प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया गया है. पशु गणना के काम को गति देने के लिए पशु संवर्धन विभाग के अधिकारियों द्बारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है. 5 साल पूर्व पशु गणना के समय सभी प्रगणकों को टैब दिए गये थे और टैब पर जानकारी ली गई थी. किंतु अब सभी के पास खुद के मोबाइल हैं. केन्द्रीय पशु संवर्धन विभाग के सॉफ्टवेयर पर पशुधन की जानकारी देनी होगी. प्रगणकों का मानधन और मोबाइल इस्तेमाल किए जाने का खर्च पशु संवर्धन विभाग द्बारा दिया जायेगा.