
अमरावती/ दि.27– पीडित नाबालिग युवती को विवाह का प्रलोभन देते हुए उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध स्थापित करने और गैर कानूनी तरीके से भगा ले जाने के मुकदमे में दो पक्षों की दलिले सुनने के बाद स्थानीय स्पेशल पोस्को अदालत के न्यायमूर्ति ने आरोपी स्वप्नील कोकर्डे को पोस्को एक्ट व किडनैपिंग के अपराध से बाईज्जत बरी कर दिया.
नांदगांव खंडेश्वर तहसील के मंगरुल चव्हाला पुलिस थाना क्षेत्र के पलसमंडल निवासी आरोपी स्वप्नील कोकर्डे के खिलाफ पुलिस थाने में दफा 363, 366, 376 (2) (आई) (एन), सहधारा 4, 6 पोस्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था. दोषारोपपत्र के अनुसार 1 जुलाई 2017 को पीडित युवती के पिता ने मंगरुल चव्हाला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ पोस्को एक्ट व किडनैपिंग की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर तहकीकात के बाद अदालत में दोषारोपपत्र दायर किया. सरकारी पक्ष की ओर से 8 गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज किये गए. आरोपियों की ओर से एड रेहान हैदर ने अपनी दलीले पेश की. दोनों पक्ष की जिरह सुनने के बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में स्वप्नील कोकर्डे को किडनैपिंग और पोस्को से अपराध से बाईज्जत बरी कर दिया. आरोपी की ओर से एड. रेहान हैदर ने पक्ष रखा, उनका सहयोग एड.जबैर खान ने दिया.