
अमरावती/दि.15– स्थानीय प्रथमश्रेणी न्याय दंडाधिकारी (11) की अदालत ने धनादेश अनादर प्रकरण में आरोपी रवींद्र ढोले को सबूतो के अभाव में बरी कर दिया. इस प्रकरण में आरोपी की तरफ से एड. राजेंद्र शर्मा ने सफल पैरवी की.
जानकारी के मुताबिक साईनगरर परिसर का शिकायतकर्ता देवकुमार रमेश गुंजाटे ने मकान खरीदने के लिए आरोपी रवींद्र ढोले के साथ ईसार किया था. यह सौदा 25 लाख रुपए में हुआ था. शिकायतकर्ता ने 5 लाख रुपए ईसार करते समय दिए थे. देवकुमार ने यह ईसारचिठ्ठी नोटरी कर ली थी. लेकिन आरोपी के मकान पर कर्ज रहने से और समय पर बैंक में पैसे अदा न करने से उसे बैंक ने एनओसी नहीं दी था. इस कारण देवकुमार गुंजाटे ने करारनामा रद्द कर आरोपी को ईसार के दिए पैसे वापस मांगे, तब आरोपी ने तीन धनादेश अलग-अलग रकम के दिए. यह रकम साढे 6 लाख रुपए थी. जब देवकुमार यह धनादेश विड्रॉल करने बैंक में गए तब वह बाऊंस हो गए. इस कारण शिकायतकर्ता ने अपने वकील के जरिए रवींद्र ढोले को नोटिस बजाई और धनादेश के रकम की मांग की.
लेकिन आरोपी ने धनादेश की रकम न देते हुए देवकुमार को लिखित रुप से नोटिस का जवाब देते हुए बताया कि उन्हें वह पैसे दे चुके है. तब देवकुमार गुंजाटे ने अदालत में गुहार लगाई. आरोपी की तरफ से एड. राजेंद्र शर्मा ने जिरह की. एड. राजेंद्र शर्मा ने अदालत में साबित किया कि यह व्यवहार साहूकारी था. आरोपी ने शिकायतकर्ता गुंजाटे से ली रकम ब्याज के साथ वापस लौटाई है. साथ ही गुंजाटे का साहूकारी का व्यवसाय है. दोनों पक्षो की दलीले सुनने के बाद अदालत ने एड. राजेंद्र शर्मा का युक्तिवाद मान्य कर आरोपी रवींद्र महादेवराव ढोले को तीनों धनादेश अनादर प्रकरण से बरी करने के आदेश दिए.