अचलपुर की फिनले मिल को जल्द किया जाये शुरु
सांसद बलवंत वानखडे ने केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरीराज सिंह को सौंपा ज्ञापन

* मिल मजदूरों को रोजगार व न्याय दिलाये जाने की उठाई मांग
अमरावती/नई दिल्ली/दि.20 – अमरावती जिले के अचलपुर शहर में राष्ट्रीय वस्त्रोद्योग निगम के 23 ग्रीन फिल्ड प्रोजेक्ट में एक रहने वाली फिनले मिल वर्ष 2009 में स्थापित की गई थी, जो पिछले दो वर्षों से बंद पडी है. ऐसे में फिनले मिल के 850 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी विगत दो वर्षों से बेरोजगार बैठे है. साथ ही 10 हजार लोगों का अप्रत्यक्ष रोजगार भी खत्म हो गया है. ऐसे में आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र के पास स्थित फिनले मिल को तुरंत शुरु करने हेतु आवश्यक पहल की जाये. इस आशय की मांग का ज्ञापन जिले के सांसद बलवंत वानखडे ने केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरीराज सिंह से मुलाकात करते हुए सौंपा.
इस मुलाकात के दौरान सांसद बलवंत वानखडे ने कहा कि, अमरावती जिले में कपास की भरपूर पैदावार होती है. जिसे ध्यान में रखते हुए अमरावती जिले के अचलपुर में फिनले मिल स्थापित की गई थी और यह मिल अच्छे खासे मुनाफे में भी चल रही थी. बावजूद इसके इसे दो वर्ष पहले अचानक ही बंद कर दिया गया. जिसकी वजह से मिल में काम करने वाले कामगारों व कर्मचारियों के सामने भूखमरी की नौबत आन पडी है. यही वजह है कि, अब तक फिनले मिल के 8 मजदूरों ने बेरोजगारी व आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर आत्महत्या कर ली है. वहीं दूसरी ओर आर्थिक निधि की कमी के चलते फिनले मिल का कामकाज ठप पडा हुआ है. जबकि इस मिल में 47 हजार स्पीडल, 144 लूम व 24 टीएफओ मशीनें है, जो पूरी तरह से आधुनिक है और नवीनतम तकनीक से बने है. लेकिन मिल के बंद पडे रहने के चलते यह सभी मशीनें पडे-पडे खराब हो रही है. ऐसे में राष्ट्रीय वस्त्रोद्योग निगम द्वारा संचालित इस मिल को शुरु करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए, ताकि मिल के मजदूरों के हाथों को रोजगार मिले तथा इस क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी हो.
* सांसद वानखडे ने विजय चौक पर किया निषेध प्रदर्शन
– गृहमंत्री अमित शाह के विवादास्पद बयान पर जताया रोष
इसके साथ ही अमरावती जिले के सांसद बलवंत वानखडे ने राजधानी नई दिल्ली के विजय चौक पर खडे रहकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा डॉ. बाबासाहब आंबेडकर को लेकर दिये गये विवादास्पद बयान का निषेध किया. साथ ही मांग उठाई कि, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने उस विवादास्पद बयान के लिए संसदी में खडे रहकर माफी मांगनी चाहिए तथा केंद्रीय गृहमंत्री के पद से इस्तीफा भी देना चाहिए.