ग्राम सेवक राठोड की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई
ग्रामसेवक यूनियन ने संभागीय आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.24 – नांदगांव खंडेश्वर पंचायत समिति अंतर्गत कार्यरत रहने वाले ग्राम सेवक चेतन गोपीचंद राठोड ने अपने खिलाफ हुई निलंबन व निष्काशन की अन्यायकारक कार्रवाई से प्रताडित होकर आत्महत्या कर ली. साथ ही आत्महत्या करने से पहले सोशल मीडिया पर अपने मोबाइल नंबर से अपनी सुसाइड नोट भी प्रसारित की. जिसमें राठोड की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के नाम दर्ज है. ऐसे में इस आत्महत्या के लिए जिम्मेदार रहने वाले मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, धामणगांव रेल्वे व मोर्शी के गटविकास अधिकारी तथा नांदगांव खंडेश्वर पंस के विस्तार अधिकारी के खिलाफ प्रशासकीय कार्रवाई की जानी चाहिए. इस आशय की मांग का ज्ञापन महाराष्ट्र राज्य ग्रामसेवक युनियन द्बारा संभागीय राजस्व आयोग को सौंपा गया है.
इस ज्ञापन में कहा गया कि, लेखा संहिता 2011 के प्रावधानानुसार ग्राम पंचायत में किसी भी तरह की अनियमितता व गडबडी होने पर निकटतम पर्यवेक्षकीय अधिकारी तथा सरपंच व ग्रापं सदस्य जिम्मेदार होते है. लेकिन इसके बावजूद एक अकेले ग्राम सेवक को जिम्मेदार ठहराते हुए उसके निलंबन की कार्रवाई की गई. जो कि, पूरी तरह से नियमबाह्य थी. साथ ही संबंधित ग्राम सेवक को अपने बचाव हेतु अपना पक्ष रखने के लिए कोई मौका भी नहीं दिया गया, बल्कि एक तरफा व मनमाने ढंग से कठोर कार्रवाई की गई. जिससे प्रताडित होकर चेतन राठोड ने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. ऐसे में चेतन राठोड को आत्महत्या के लिए प्रवृत्त करने वाले अधिकारियों पर तत्काल अपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए और प्रशासनीक कार्रवाई भी होनी चाहिए.
ज्ञापन सौंपते समय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजीव निकम सहित अनेकों पदाधिकारी उपस्थित थे.