
* कंपनी न्यायाधिकरण ने सुनाया फैसला
नागपुर/दि. 3– राष्ट्रीय कंपनी अधिनियम न्यायाधिकरण की बॉम्बे खंडपीठ के सदस्य (तकनीकी) प्रभारत कुमार एवं सदस्य (न्यायिक) वी. जी. बिष्ट ने मंगलवार को विदर्भ में व्यापारियों के सबसे बडे संगठन नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स पर प्रशासक की नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए व्यापारियों की कार्यकारिणी को पहले की तरह यथावत रखने का फैसला सुनाया.
इससे पहले राष्ट्रीय कंपनी अधिनियम न्यायाधिकरण के सदस्यों ने कंपनी अधिनियम के तहत चेंबर की कार्यकारिणी पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप पर फटकार लगाते हुए नाग विदर्भ चेंबर ऑफ कॉमर्स की कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया था और 31 जनवरी 2023 को नई दिल्ली के यू.एन. नाहटा को प्रशासक नियुक्त कर दिया था.
न्यायाधिकरण के इस फैसले से चेंबर की पूर्व कार्यकारिणी के सभी अधिकार बहाल हो गए है. इसलिए चेंबर के अध्यक्ष अश्विन मेहाडिया और अन्य पदाधिकारी बुधवार को चेंबर का कार्यभार स्वीकार किया. अश्विन मेहाडिया ने कहा कि, राष्ट्रीय कंपनी अधिनियम न्यायाधिकरण के सदस्यों का फैसला व्यापारियों और सत्य की विजय है. व्यापारियों का असल पक्ष सामने आया है. उन्होंने कहा कि, उन्होंने पदभार स्वीकार कर लिया है और व्यापारियों के हित के लिए काम करते रहेंगे.