अमरावतीमहाराष्ट्र

डीपीएस में ‘7 वें वार्षिकोत्सव – निर्मोचन’ का विहंगम दृश्य

अद्भूत, अविस्मरणीय रंगारंग प्रस्तुतियां

अमरावती/दि.25– क्षेत्र की अग्रणी शिक्षण संस्था दिल्ली पब्लिक स्कूल अमरावती के बच्चों ने पुन:श्च साबित किया कि, क्यों वे हर क्षेत्र में अग्रणी होने की ओर अग्रसर है. उन्होंने “ भारत भ्रमण तथा मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के अत्याधिक उपयोग के दुष्परिणाम” विषय पर स्कूल के मुक्ताकाश में अत्यंत मनमोहक प्रस्तुतियां दी, जिसे देखकर सभी दंग रह गए.
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रुप में अमरावती पुलिस उपायुक्त के रुप में पदस्थ कल्पना बारवकर, अमरावती की साहसी एवं निर्भीक पूर्व सांसद नवनीत रवि राणा, संयुक्त निदेशक उच्च माध्यमिक शाला डॉ. केशव टुपे, रिम्स अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत डॉ. पूनम राठी, सी. ए. भूषण लाठिया, राणा एजुकेशन सोसाइटी के सदस्य सुनील राणा, अनुपमा राणा एवं मालू इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष आशीष मालू विशेष रूप से उपस्थित थे. विद्यालय की छात्राओं ने चंदन तिलक लगाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया. कार्यक्रम में विद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डोलेंद्र पाटिल एवं प्राचार्य हिमाद्रि देसाई भी मौजूद रहे. सर्वप्रथम, उपस्थित सभी गणमान्यों द्वारा कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन माता सरस्वती तथा भगवान नटराज की प्रतिमा में संयुक्त रूप से माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया. तत्पश्चात कार्यक्रम के आरंभ में विशिष्ठ तथा मुख्य अतिथियों को श्रीफल तथा डीपीएस स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम के शुभारम्भ में डीपीएस के बच्चों ने विभिन्न संगीत वाद्य यंत्रो के द्वारा सरस्वती वंदना की तथा स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया. इसके पश्चात कक्षा नर्सरी, एल-केजी व यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी ‘छोटा भीम, मी आहे कोली, अमी ठकर ठकर’ गीत पर मनमोहक नृत्य कर कार्यक्रम को रोचक बना दिया. इस वार्षिकोत्सव की थीम ‘भारत भ्रमण’ पर आधारित थी, जिसमें महाराष्ट्र, कश्मीर, झारखंड आदि अलग-अलग स्थानों के पारम्परिक नृत्य व संगीत की झलक दिखी. इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी. कक्षा पहली तथा दूसरी के विद्यार्थियों के द्वारा शिक्षा के महत्व को नृत्य के माध्यम से व्यक्त किया गया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा. कक्षा छठवीं के विद्यार्थियों ने नृत्य-नाटिका के माध्यम से समाज में बुजुर्गों के प्रति हो रही अवहेलना का मार्मिक दृश्य प्रस्तुत किया. जीवन में आने वाले सुख-दुःख के चक्र को भी कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों के द्वारा बहुत ही प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत किया गया.
बाल-मजदूरी पर आधारित नृत्य को कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत कर समाज में इंसानियत को भावना को भी दर्शाया गया तथा कक्षा चौथी के विद्याथियों ने मोबाईल से होने वाले नुकसान को नृत्य के माध्यम से दिखाया. विभिन्न वाद्ययंत्रो के वादन के द्वारा भी बच्चों ने माहौल में जान फूंक दी. आर्केस्ट्रा तथा रॉक-बैंड की धुनों का भी सभी ने लुत्फ़ उठाया. इस तरह एक बार फिर से बच्चों ने नृत्य एवं गीत के द्वारा अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरी. समस्त कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राएँ सम्मिलित हुए. इस दौरान आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने खूब तालियाँ बटोरी. बच्चों ने गीत-संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया.
इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि कल्पना बारवकर ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया. डॉ. पूनम राठी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, बच्चों में बड़ों का आदर करने का गुण होना चाहिए साथ ही माता-पिता को को मोबाइल के बजाय बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए. समारोह को सफल बनाने के लिए छात्रों के प्रयासों की सराहना भी की और कहा कि बच्चों ने अद्मभुत कार्यक्रम प्रस्तुत किए. इस तरह के आयोजन में डीपीएस विद्यार्थियों द्वारा एक से बढ़कर एक कार्यक्रम को देख सभी काफी उत्साहित हुए. इस दौरान वहाँ मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों ने तालियाँ बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया.
इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. डीपीएस प्रांगण में पूरी भव्यता के साथ आयोजित इस समारोह का सभी ने खूब लुत्फ. इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित रहे.

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