बाल अत्याचार के मामले में अमरावती व यवतमाल आगे

अमरावती /दि.1– बच्चों पर होनेवाले अन्याय व अत्याचार की घटनाओं को नियंत्रित करने के साथ ही ऐसे अपराधों में शामिल रहनेवाले आरोपियों को कडी सजा हो इस हेतु बच्चों का लैंगिक अत्याचार से संरक्षण अधिनियम यानी पोक्सो कानून तैयार किया गया है. पोक्सो अंतर्गत अपराध दर्ज होने के बाद जलद गति से न्याय मिलने की उम्मीद जताई जाती है. लेकिन विदर्भ में पोक्सो अंतर्गत दाखिल हजारों मामले अब भी प्रलंबित रहने की जानकारी सामने आई है. दिसंबर 2024 तक विदर्भ क्षेत्र में पोक्सों के लगभग 8 हजार मामले प्रलंबित है. जिनमें अमरावती जिला 1 हजार 541 प्रलंबित मामलो के साथ सबसे आगे है. साथ ही साथ यवतमाल जिला 1 हजार 141 मामलो के साथ दूसरे व नागपुर जिला 1 हजार 87 मामलो के साथ तीसरे स्थान पर है.
मुकदमा दर्ज होने के बाद आवश्यक रहनेवाले न्यायालयीन मनुष्यबल की कमी, जलद गति अदालतों की अपर्याप्त संख्या, अपराध दर्ज होने से लेकर फैसला आने तक आवश्यक रहनेवाली मूलभूत सुविधाओं का अभाव आदि सहित विविध कारणों के चलते पोक्सो अंतर्गत दर्ज रहनेवाले मुकदमों के प्रलंबित रहने की संख्या लगातार बढ रही है. इसकी वजह से विदर्भ के विविध न्यायालयों में पोक्सो के तहत दायर 7 हजार 927 मुकदमों की सुनवाई प्रलंबित है. जिसमें अमरावती व यवतमाल सहित नागपुर जिले सबसे अव्वल है. जहां पर प्रलंबित मुकदमों की संख्या एक हजार से अधिक है. वहीं विदर्भ क्षेत्र के अन्य जिलो में प्रलंबित मामलो की संख्या एक हजार से कम है. खास बात यह है कि, सबसे कम प्रलंबित मामले रहनेवाले जिलो में पूर्वी विदर्भ के जिलों का समावेश अधिक है. जिसके तहत वर्धा जिले में 498, गोंदिया में 378, गढचिरोली में 314 तथा भंडारा में सबसे कम 286 मामले ही पोक्सो अंतर्गत प्रलंबित है.
* विशेष पोक्सो न्यायालय की जरुरत
विदर्भ की जिला न्यायालय की इमारतो में ही पोक्सो के मामलो की सुनवाई की जाती है. जबकि पोक्सो के मामलो हेतु स्वतंत्र न्यायालय अथवा न्यायालय में स्वतंत्र कक्ष रहना अपेक्षित है. परंतु फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. अत्याचार पीडित बच्चों के मन में अदालत को लेकर या अदालत के वातावरण के संदर्भ में कोई भय न रहे, इस हेतु पोक्सो अदालत की इमारत का बालस्नेही रहना जरुरी है. पीडित बच्चों सहित गवाहों के लिए भी विविध सुविधाएं व बालस्नेही वातावरण रहना आवश्यक है.
* विदर्भ में पोक्सो के प्रलंबित मामलो की जिलानिहाय संख्या
जिला मामले
अमरावती 1,541
यवतमाल 1,141
नागपुर 1,087
बुलढाणा 947
चंद्रपुर 805
अकोला 535
वर्धा 498
वाशीम 400
गोंदिया 378
गढचिरोली 314
भंडारा 286