
अमरावती /दि.22– अमरावती में शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय दो साल से शुरु है, शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के लिए समिति द्वारा चयन की गई जगह शहर से 10 से 15 किलोमीटर दूर रहने से जिले के मेलघाट तथा ग्रामीण व शहरी मरीजों को यहां पहुंचने में परेशानी होगी. जिसमें जगह के संदर्भ में समिति द्वारा लिया गया निर्णय रद्द किया जाए, ऐसा आग्रह विधायक सुलभा खोडके ने विधानसभा में किया.
शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के लिए नागपुर मार्ग पर हाईवे के समीप शासकीय जमीन पर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय स्थापन किए जाने की मांग उन्होंने की. शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय निर्माण करने की भूमिका के पीछे जिले व परिसर के गरीब जरुरतमंदो को अच्छी स्वास्थ सुविधा उपलब्ध हो और उन्हें अन्य जगह पर उपचार के लिए जाना न पडे यह उद्देश्य है. वैद्यकीय महाविद्यालय शहर से 10 से 15 किलोमीटर दूर रहने की वजह से यहां आने में लोगों को दिक्कते होगी, साथ ही महाविद्यालय में प्रवेश लेनेवाले विद्यार्थी यह स्थानीय अथवा उस क्षेत्र के नहीं रहते, बल्कि देश के अन्य राज्यों के रहते है.
अमरावती शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के लिए अमरावती शहर से 10 से 15 किलोमीटर दूर जगह का प्रस्ताव लिए जाने से उसका लाभ सामान्य मरीजों को नहीं मिलेगा तथा मेलघाट जैसे दुर्गम क्षेत्र के मरीजों को भी आने में कठिनाई होगी, ऐसा विधायक सुलभा खोडके ने सदन में ध्यानाकर्षण किया. अमरावती का शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय यह शहर के मध्यभाग में रहने से आनेवाले मरीजों को सुविधा होगी. अमरावती बायपास मार्ग पर गौरी ईन के पास नागपुर हाईवे के लगकर शासन की 25 एकड जमीन शासकीय महाविद्यालय के लिए लेने का प्रस्ताव शासन को दिया गया. यह जगह शहर में ही है और अमरावती बायपास पर है. तहसील के किसी भी मरीज को यहां पहुंचने के लिए उपयुक्त है, ऐसा विधायक खोडके ने कहा और जगह के संदर्भ में पुन: बैठक लेकर निर्णय लिए जाने की मांग सभागृह में की.