अमरावती का बीएसएफ जवान दीपक सुपेकर चंदीगढ में शहीद
चंदीगढ के अस्पताल में चल रहा था इलाज, 7-8 माह पहले से ब्रेन ट्यूमर की समस्या से थे पीडित

* आज सुबह पार्थिव पहुंचा विलास नगर के शिव नगर स्थित आवास पर
* नागपुर से आये बीएसएफ के प्लाटून ने दी अंतिम सलामी
* वर्ष 2009 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे सुपेकर, 148 बटालियन चंदीगढ में थी नियुक्ति
अमरावती/दि.13 – स्थानीय विलास नगर परिसर स्थित शिव नगर के निवासी तथा भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सिपाही के तौर पर तैनात दीपक सदाशिवराव सुपेकर (32) की गत रोज चंदीगढ में ऑन ड्यूटी मौत हो गई. जिसके उपरान्त दिवंगत सुपेकर का पार्थिव पूरे सम्मान के साथ चंदीगढ से विमान के जरिए नागपुर लाया गया. जहां से आज सुबह बीएसएफ के नागपुर स्थित प्लाटून ने सुपेकर के शव को सडक मार्ग के जरिए उनके निवासस्थान पर पहुंचाया. जहां पर बीएसएफ के जवानों ने अपने दिवंगत साथी दीपक सुपेकर को अंतिम सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी. साथ ही शिव नगर परिसर स्थित सुपेकर परिवार के निवास से दीपक सुपेकर की अंतिम यात्रा निकाली गई और पूरे सैनिक सम्मान के साथ विलास नगर स्थित मोक्षधाम में उनके पार्थिव पर अंतिम संस्कार किये गये.
चंदीगढ से दिवंगत दीपक सुपेकर के शव को लेकर अमरावती पहुंचे बीएसएफ के उपनिरीक्षक पी. बी. सिंह ने दैनिक अमरावती मंडल को इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि, वर्ष 2009 में दीपक सुपेकर ने बीएसएफ को ज्वाईंड किया था तथा वे फिलहाल चंदीगढ स्थित 148- बटालियन में पदस्त थे. दीपक सुपेकर ने इससे पहले भारतीय सीमा पर कुछ अभियानों में भी हिस्सा लिया था और वे कुछ मुठभेडों में भी शामिल थे. जिसमें वे कई बार चोटिल भी हुए थे. वहीं विगत करीब 7-8 माह से दीपक सुपेकर ब्रेन ट्यूमर की समस्या से जूझ रहे थे और उनका चंदीगढ स्थित बीएसएफ के अस्पताल में इलाज चल रहा था. जहां पर उनके अब तक करीब 4 ऑपरेशन भी हुए थे और लगभग एक माह-डेढ माह पहले तबीयत ठीक होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्जार्च भी दिया गया था. लेकिन करीब एक सप्ताह पहले दीपक सुपेकर की तबीयत दुबारा बिगडी और उन्हें एक बार फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर गत रोज उनका निधन हो गया.
बीएसएफ जवान दीपक सुपेकर के निधन का समाचार मिलते ही विलास नगर एवं शिव नगर परिसर में शोक की लहर व्याप्त हो गई तथा परिवार सहित परिसरवासियों द्वारा उनके पार्थिव को चंदीगढ से अमरावती लाये जाने की प्रतिक्षा की जाने लगी. जहां पर आज सुबह नागपुर से बीएसएफ की 99-बटालियन के कमांडेंट संजीवकुमार के नेतृत्व में 8 बीएसएफ जवानों के दल ने बीएसएफ जवान दीपक सुपेकर के पार्थिव को बीएसएफ के विशेष वाहन के जरिए पहुंचाया. साथ ही दीपक सुपेकर के पार्थिव पर बीएसएफ के पथक द्वारा पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हें अंतिम विदाई व अंतिम सलामी दी गई.
जानकारी के मुताबिक दीपक सुपेकर के परिवार में माता-पिता, पत्नी तथा 7 वर्ष एवं 4 वर्ष की आयु वाली दो बेटियां है. साथ ही वे शिव नगर स्थित छत्रपति क्रीडा मंडल के बेहद सक्रिय सदस्य भी थे और मिलनसार स्वभाव की वजह से पूरे परिसर में दीपक सुपेकर का अच्छा खासा मित्र परिवार भी था. इस पूरे परिसर में दीपक सुपेकर अकेले ही ऐसे व्यक्ति थे, जो बीएसएफ के साथ जुडे हुए थे. ऐसे में दीपक सुपेकर को लेकर इस पूरे परिसर में एक अलग ही सम्मान की भावना थी. जिसके चलते आज उनके निधन का समाचार मिलते ही उन्हें अंतिम विदाई देने हेतु सुपेकर परिवार के निवास पर आज सुबह से ही अच्छी खासी भीड इकठ्ठा हो गई, जो विलास नगर के मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के समय भी बनी रही.