अमरावती

प्रभाग विकास निधि में कटौती से नगरसेवकों में नाराजी

अंतिम वर्ष की उम्मीदों पर भी फिरा पानी

अमरावती/15 मार्च – अमरावती मनपा प्रशासन व्दारा वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये 890 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया जा चुका है. अधिकारियों की ओर से भले ही इस बजट को फायदे का बजट बताया जा रहा है. बजट में बड़े पैमाने पर की गई कटौती के चलते यह बजट लाभकारी दिखाई दे रहा है.
मनपा प्रशासन व्दारा प्रभाग विकास निधि में कटौती की गई है. इस कारण पार्षदों मेंं नाराजी है. नगरसेवकों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को निधि उपलब्ध नहीं करायी जाएगी तो जनता व्दारा सुझाये गये कार्यों को कैसे पूरा किया जायेगा. वर्ष 2017 में चुनकर आये 87 नगरसेवकों में से अधिकांश का कहना है कि कार्यकाल के शुरुआती दिनों में शासन व्दारा निधि उपलब्ध नहीं करायी गई. इसके बाद एक साल चुनाव आचार संहिता और एक साल कोरोना काल में ही समाप्त हो गया. इस तरह चार वर्ष बीत जाने के बाद अंतिम वर्ष के लिये ही उम्मीद बाकी थी लेकिन प्रशासन व्दारा विभाग विकास राशि घटाकर 8 लाख कर दिये जाने से जनता के काम किस तरह किये जाये, यह समझ से परे है. इससे पूर्व प्रत्येक पार्षद को प्रभाग विकास निधि के लिये 25 लाख रुपए दिये जाते थे. इसे अब खत्म कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि सरकार व्दारा दिये जाने वाले अनुदान तथा स्थानीय स्तर पर प्राप्त होने वाले राजस्व को देखते हुए ही एक सर्व समाहित बजट तैयार किया गया है.
इस बजट में सामान्य जनता से सीधे तौर पर जुड़े कार्यों को महत्व दिया गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बुनियादी जरुरतों को लेकर प्रतिबध्दता जताई गई है. अब भी अमरावती मनपा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य किये जाने बाकी है. इन बजट में उन्हीं कार्यों को करने को लेकर तैयारी दर्शायी गई है. शहर में होने वाले इन कार्यों का लाभ सीधे तौर पर जनप्रतिनिधियों को ही प्राप्त होगा.

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