तीन लाख विद्यार्थियों को आईडी बनाने का आवाहन
30 नवंबर का समय ः 455873 मेंं से 74730 विद्यार्थियों की अपार आईडी

अमरावती/दि.30– केंद्र सरकार की ओर से जिले के कक्षा पहली से 12वीं तक पढने वाले विद्यार्थियों को ऑटोमेटेड पर्मनंट एकेडमिक अकाऊंट रजिस्ट्री आईडी बनाने के आदेश दिए गए है. यह काम 30 नवंबर तक पूर्ण करने के आदेश दिए गए है. अब इस काम के लिए केवल तीन दिन का समय बचा हुआ है. जिसके चलते शिक्षण विभाग को अच्छी तरह भागदौड करने का चित्र दिख रहा है.
केंद्र सरकार व्दारा यू-डायस प्रणाली में पूर्व प्राथमिक, कक्षा पहली से बारहवीं तक पढाई करने वाले सभी विद्यार्थियों को ऑटोमेटेड पर्मनंट एकेडमिक अकाउंट रिजस्ट्री (अपार)आईडी उपलब्ध कर देने के लिए राष्ट्रीय उपक्रम शुरू किया गया है. जिसके अनुसार प्राथमिक शिक्षण परिषद के प्रकल्प संचालकों ने शिक्षण परिषद के प्रकल्प संचालकों ने शिक्षण विभाग को 30 नवंबर तक सभी विद्यार्थियों का अपार आईडी शालास्तर पर उपलब्ध कर देने के लिए जिलास्तर पर विशेष मुहिम चलाई जा रही है. इसके लिए शाला की ओर से आवश्यक जानकारी पाने के लिए भाग-दौड शुरू है. जिले में जिला परिषद सहित सभी माध्यम के 2 हजार 873 शाला में 4 लाख 44 हजार 873 विद्यार्थियों के अपार आईडी निकाले जा रहे हैं. इसमें से 27 नवंबर तक केवल 74 हजार 730 विद्यार्थियों के अपार आईडी निकाले गए है. जिसके कारण अब तीन दिन में 3 लाख 81 हजार 143 विद्यार्थियों के अपार आईडी 30 नवंबर तक निकालने की चुनौती शिक्षण विभाग के सामने खडी हो चुकी है. शालाओं को दिवाली निमित्त नवंबर महीने में छुट्टी घोषित की गई थी. इसी महीनेे में विधानसभा चुनाव आने से अनेक शिक्षकों को चुनाव काम में लगाया गया था. परिणाम स्वरुप अपार आईडी का काम रुक गया था. अब चुनाव की भाग-दौड खत्म होने के बाद अब शैक्षणिक कार्य शुरू हो चुके है.
क्या है अपार आईडी?
अपार आईडी यह विद्यार्थियों के लिए एक अव्दितीय 12 अंकी कोड है. यह कोड विद्यार्थियों के लिए कायमस्वरूप है. इस पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और सफलता पर नजर रखी जाती है. इस कार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी डिजीटल स्वरुप में जमा की जाती है.
शालेय विद्यार्थियों के अपार आईडी निकालने का काम जिले भर में शाला में शुरू है. जिसमें विद्यार्थियों व पालकों के आधारकार्ड व अन्य तकनीकि परेशानी होने पर उसे दूर कर अपार आईडी का अधिकाधिक काम गती से करने का प्रयत्न शिक्षक विभाग का है. इस काम के लिए समय बढा कर दिए जाने के लिए वरिष्ठों से पत्र व्यवहार किए जा रहे हैं.
अरविंद मोहरे, शिक्षणाधिकारी प्राथमि