डॉ. बोरकर की विद्यार्थी विकास संचालक पद पर नियुक्ति रद्द की जाये
एनएसयुआय ने उठाई मांग

अमरावती/दि.7– संगाबा अमरावती विद्यापीठ के विद्यार्थी विकास संचालक पद पर डॉ. राजीव बोरकर जैसे राजनीतिक पृष्ठभुमि रखनेवाले व्यक्ति की नियुक्ति की गई है, जो पूरी तरह से नियमबाह्य है. क्योंकि यह पद विद्यार्थियों के हितों से जूडा रहता है और इस पद पर किसी भी राजनीतिक दल के पदाधिकारी रहनेवाले व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की जा सकती है. अत: डॉ. राजीव बोरकर की नियुक्ति को तत्काल रद्द किया जाये, ऐसी मांग एनएसयुआय द्वारा संगाबा अमरावती विद्यापीठ के कुलगुरू डॉ. मालखेडे के नाम जारी ज्ञापन में की गई है.
इस ज्ञापन में कहा गया है कि, विद्यापीठ प्रशासन से जुडे किसी भी प्रशासकीय पद पर किसी राजनीतिक दल से वास्ता रखनेवाले व्यक्ति की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए, ऐसा स्पष्ट नियम रहने के बावजूद विद्यापीठ में विगत कुछ समय से एक विशिष्ट दल व विचार के प्रति समर्पण रखनेवाले व्यक्तियों की नियुक्ती की जा रही है. इसी के तहत अब भाजपा प्रणित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष रहनेवाले प्रा. डॉ. राजीव बोरकर को विद्यार्थी विकास संचालक पद पर नियुक्त किया गया है. जबकि इस पद पर आसिन रहनेवाले व्यक्ति पर ही विद्यापीठ छात्र संघ के चुनाव की जिम्मेदारी रहती है. अत: इस पद पर राजनीतिक रूप से तटस्थ व निष्पक्ष रहनेवाले व्यक्ति की नियुक्ति की जानी थी. साथ ही चुनाव में किसी तरह का कोई पक्षपात न हो, लेकिन ऐसे तमाम नियमों व निर्देशों की अवहेलना करते हुए विद्यार्थी विकास संचालक पद पर डॉ. राजीव बोरकर के रूप में अभाविप का प्रांत उपाध्यक्ष रहनेवाले व्यक्ति की नियुक्ति की गई है. जिसे जल्द से जल्द रद्द किया जाना चाहिए.
ज्ञापन सौंपते समय एनएसयुआई के जिलाध्यक्ष संकेत कुलट, युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निलेश गुहे व प्रदेश सचिव समीर जवंजाल सहित योगेश बुंदिले, शक्ति राठोड, अभिराज निंबेकर, विक्की तायडे, संकेत बोके, संकेत साहु, चैतन्य नांदूरकर, अक्षय साबले, वेदांत साखरे, विनोद सुरोसे, शेख हसन, वैभव भोरे व ऋषभ भास्कर आदि सहित एनएसयुआई व युवक कांग्रेस के अनेकों पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे.