शंकरबाबा की गांधारी को अरुणाचल के सीएम का निमंत्रण
अरुणाचल में स्वागत गीत प्रस्तुत करेगी गांधारी

* अमरावती जिले को दिलाया सम्मान
अमरावती/दि.13 – वझ्झर स्थित स्व. अंबादासपंत वैद्य मुकबधीर व अनाथ आश्रम के संचालक शंकरबाबा पापलकर की मानस कन्या गांधारी को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्वागत गीत प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित किया है. इस जरिए अमरावती जिले को सम्मान प्राप्त हुआ है.
बता दें कि, माय होम इंडिया संस्था द्बारा प्रतिवर्ष ‘वन इंडिया अवॉर्ड’ के जरिए इशान्य भारत के एक व्यक्ति को सामाजिक कार्यों हेतु पुरस्कार दिया जाता है. जिसके तहत इस वर्ष अरुणाचल प्रदेश की न्यिशी जनजाती के श्रद्धा पुनर्जागरण आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ता श. तेची गुबिन को मुख्यमंत्री पेमा खांडू के हाथों यह पुरस्कार दिया जाएगा. यह पुरस्कार वितरण समारोह आगामी 25 दिसंबर को मुंबई के दादर पश्चिम स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक सभागृह में होने जा रहा है. इस कार्यक्रम में स्वागत गीत प्रस्तुत करने का बहुमान अचलपुर तहसील अंतर्गत वझ्झर स्थित स्व. अंबादासपंत वैद्य दिव्यांग व अनाथ बालगृह में रहने वाली गांधारी को मिला है. जो इस कार्यक्रम ‘ए मेरे वतन के लोगों…’ गीत प्रस्तुत करेगी. इस हेतु उसे भाजपा के महासचिव सुनील देवधर द्बारा आमंत्रित किया गया है.
बता दें कि, पैदाइशी नेत्रहीन रहने वाली गांधारी 25 वर्ष पहले पंढरपुर स्थित चंद्रभागा नदी के किनारे लावारिस पडी पाई गई थी. जिसे अदालत के आदेश पश्चात वझ्झर दिव्यांग व अनाथ बालगृह चलाने वाले शंकरबाबा पापलकर को आजीवन पुनर्वसन हेतु सौंपा गया था. पश्चात शंकरबाबा पापलकर ने माता-पिता की जिम्मेदारी निभाते हुए गांधारी को योग्य शिक्षा-दिक्षा दिलाई. अंध विद्यालय से कक्ष 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली गांधारी ने मुंबई स्थित अखिल भारतीय गंधर्व महाविद्यालय से संगीत विशारद की 7 परीक्षाएं पहले स्थान पर रहते हुए उत्तीर्ण की और इन दिनों वह अचलपुर के उपजिला अस्पताल में कार्यरत है. जहां पर म्यूझिक थेरेपी के जरिए मरीजों को आनंद व राहत देने का काम करती है.