राज्य सरकार की निती से आशा वर्कर परेशान
मुख्य सचिव ने कहा- मंत्री व्दारा आशा-गटप्रवर्तकों को बढाए गए मानधन देना संभव नहीं

सार्वजनिक स्वास्थ मंत्री की ओर से की गई थी घोषणा
अमरावती /दि.23– राज्य के स्वास्थ मंत्री तानाजी सावंत ने आशा वर्करों को 7 हजार रुपये व गट प्रवर्तकों को 10 हजार रुपये मानधन बढाने, दिवाली भेट के रुप में 2 हजार रुपये देने का निर्णय जाहिर किया था. इतने बडे पैमाने में मानधन वृध्दि बढा कर देना यह संभव नहीं है. ऐसा मुख्य सचिव ने शिष्ट मंडल से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया.
बढे हुए मानधन के लिए कोविड काल में भी अपने प्राणों की फिक्र न करते हुए काम करने वाली, कोविड योध्दा आशा व गटप्रवर्तक विगत 14 दिनों से मुंबई के आजाद मैदान पर ठंड में भी भूखे रहकर आंदोलन कर रही है. इस आंदोलन में अनेक आशा व गटप्रवर्तक बिमार भी पड रही है. मगर शासन को इनकी मांगो की ओर कोई ध्यान नहीं है. जिसके कारण आशा व गट प्रवर्तक महिलाओं के बीच राज्य सरकार के प्रति रोष व्याप्त हो रहा है. उनकी मांगो के चलते मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव पर जवाबदारी सौंप दी थी. जिसके अनुसार मुख्य सचिव ने जो अहवाल तैयार किया है वह मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत किया जाना है. ऐसा रहा तो राज्य के स्वास्थ मंत्री ने जाहिर किया गया बढे हुए मानधान की रकम देना संभव नहीं है, ऐसी बात मुख्य सचिव ने कही है. राज्य के मुख्य सचिव नितीन करीर ने गुरुवार 22 फरवरी को आशा व गट प्रवर्तक कृती समिती के शिष्टमंडल से चर्चा की. इस संदर्भ में स्वास्थ विभाग की ओर से जानकारी लेकर अंतिम अहवाल भेजा जाएगा. आने वाले रविवार व मंगलवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत करने का आश्वासन मुख्य सचिव ने दिया है. मगर निर्णय होने तक आंदोलन शुरु रखने का निर्णय कृती समिती की ओर से लिया गया है. बैठक में संगठन के राजू देसले, आनंदी अवघडे, सचिन आंधले, विनोद झोडगे,कॉ.प्रफुल्ल देशमुख सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.