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आदिवासी विकास विभाग ने जारी किये निर्देश
अमरावती प्रतिनिधि/दि.२१ – जहां एक ओर शालेय शिक्षा विभाग ने आगामी २३ नवंबर से ९ वीं से १२ वीं की कक्षाओें को शुरू करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर आश्रमशालाओं की कक्षाएं शुरू होने में करीब १५ दिनों का विलंब होगा और आदिवासी विकास विभाग के मुताबिक संभाग की आश्रमशालाएं आगामी १ दिसंबर से शुरू होगी. राज्य के आदिवासी विकास विभाग के अख्तियार में रहनेवाली सरकारी आश्रमशालाओं, अनुदानित आश्रमशालाओें तथा एकलव्य निवासी शालाओं में ९ वीं से १२ वीं की कक्षाओं को १ दिसंबर से शुरू करने के निर्णय को सरकार द्वारा शुक्रवार को मान्यता दी गई. साथ ही इन शालाओं की कक्षाओं में पढनेवाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी छात्रावास भी शुरू करने को लेकर सरकारी निर्णय जारी किया गया. हालांकि सभी विद्यार्थियों को आश्रमशाला या छात्रावास में प्रवेश देने से पहले पालकों से लिखित तौर पर उनका सहमति पत्र लेना अनिवार्य किया गया है. आश्रमशालाओं व छात्रावासों को शुरू करते समय स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सुरक्षा के संदर्भ में बरती जानेवाली सतर्कता को लेकर आदिवासी विकास विभाग द्वारा आवश्यक दिशानिर्देश जारी किये गये है. जिनके अनुसार तमाम तैयारियां पूरी करने हेतु मुख्याध्यापकों व शिक्षकों को पंद्रह दिनों का समय मिलेगा. इस दौरान सभी आश्रमशालाओं व छात्रावासों के हर एक कर्मचारी की कोविड जांच की जायेगी.
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ऐसे है मार्गदर्शक दिशानिर्देश
– शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी व छात्रावास कर्मचारियों की कोविड टेस्ट आवश्यक.
– वर्ग कक्षाओं, छात्रावास के कमरों व स्टाफ रूम की बैठक व्यवस्था में शारीरिक दूरी का पालन.
– इधर-उधर थूकने पर सख्त पाबंदी. आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्गों की निश्चिती.
– शाला में विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य लेकिन पहले अभिभावकों की सहमति लेना जरूरी.
– शाला एवं छात्रावास परिसर रोजाना स्वच्छ किया जाये.
– शाला शुरू होने से पहले व बाद में सभी कक्षाओें में सैनिटाईजर किया जाये.