
अमरावती/दि.8– मनपा के बाजार व परवाना विभाग की तरफ से हर वर्ष 2 करोड 33 लाख रुपए आय अपेक्षित रहते इस वित्तिय वर्ष में केवल 60 लाख रुपए प्राप्त हुए है. बीओटी प्रणाली पर व्यापार संकुल से इस विभाग को कोई भी पैसा नहीं मिला है. साथ ही बकाया किराया वसूल करने के लिए इस विभाग के पास मनुष्यबल नहीं है.
मनपा के मालकी के 27 संकुल है. इसमें बीओटी प्रणाली के व्यापारी संकुल के किराये का विवाद अभी तक निपटा नहीं है. इसमें जयस्तंभ चौक के प्रियदर्शनी, राजकमल चौक के स्व. खापर्डे, सूरज व जवाहरगेट के खत्री मार्केट संकुल का विशेष रुप से समावेश है. इन सभी संकुल की लीज वर्ष 2018 में समाप्त हुई है. तब से उनके किराये का विवाद शुरु है. शासन व्दारा नियुक्त की गई समिति व्दारा निर्धारित किए गए दाम नामंजूर करते हुए यह विवाद न्यायालयीन प्रक्रिया में अटका है. बाजार व परवाना विभाग के सामने अब इन किरायेदारों से पुराने अथवा नए दर से किराया वसूल करना यह प्रश्न है. सर्वाधिक किराया इस संकुल के किरायेदारों को आ रहा है. इन दुकानदारों से डेढ करोड रुपए मनपा को हर वर्ष मिलते है. लेकिन इस संकुल के दुकानदारों सहित अन्य व्यापारी संकुल के किरायेदारों ने भी मनपा को किराया नहीं दिया है. इसमें राजापेठ के जोशी मार्केट, चपरासीपुरा मार्केट, जे एण्ड डी मॉल, महात्मा गांधी मार्केट, गाडगेबाबा मार्केट, महात्मा फुले मार्केट तथा वसंतराव संकुल का समावेश है. इन सभी से 1.36 करोड किराया वसूलना है. वित्तिय वर्ष का यह अंतिम माह है. बाजार व परवाना विभाग के पास मनुष्यबल की कमी भी मुख्य दुविधा है.