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इस समय सीए बनना भाग्यकारक

भारत की अर्थव्यवस्था अगले 10 वर्ष बढिया

* जिला सीए टॉपर चिराग कलंत्री का कहना
अमरावती /दि. 28- चार्टर्ड अकाउंटंट की एक्झाम में 415 अंक प्राप्त कर जिला टॉपर रहनेवाले चिराग संदीप कलंत्री ने कहा कि, भारत की अर्थव्यवस्था अगले 10 वर्षों में गतिमान रहेगी. वर्तमान में 7 प्रतिशत की गति का अंदाज है. जो वैश्विक परिस्थितियों में बेहतरीन है. ऐसे में सीए बनना भाग्यकारक कहा जा सकता है. चिराग आज दोपहर अमरावती मंडल से खास बातचीत कर रहे थे. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दादा-दादी, माता-पिता और गुरुजनों को दिया. उसी प्रकार यह भी बताया कि, सीए के कोर्सेस में किए गए बदलाव स्वागतयोग्य है. जैसे आर्टीकलशिप 3 की बजाए 2 वर्ष की कर दी गई है.
* बिरला, गोयल से प्रेरणा
सीए चिराग कलंत्री ने बताया कि, उन्हें भी जेईई कर आईआईटी में जाना था. किंतु कक्षा 10 वीं के बाद उन्होंने पिता संदीप कलंत्री के प्रेरित करने पर कॉमर्स का क्षेत्र चुना. कलंत्री ने बताया कि, वे भी इस प्रोफेशन की ओर आकर्षित हुए थे. उसकी वजह देश के प्रसिद्ध उद्योगपति कुमार मंगलम बिर्ला और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जैसे व्यक्तियों को उन्होंने समाचार माध्यमों में देखा, सुना. ऐसे ही घर-बाहर बातचीत में सीए की महिमा गान होता था. जिससे भी उन्हें लगा कि, वे सीए बन सकते हैं.
* कठोर मेहनत, मुंबई में प्रैक्टिस
केशरबाई लाहोटी कॉलेज से कक्षा 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने राठी करिअर फोरम से मार्गदर्शन लेकर फाउंडेशन व इंटरमिजिएट की एक्झाम उत्तीर्ण की. उपरांत आर्टीकलशिप के लिए वे एक वर्ष मुंबई की बन्सी जैन एसोसिएट में रहे. उपरांत उन्होंने प्रसिद्ध कंपनी एडलवाइस में प्रशिक्षण लिया. उसी प्रकार सीए की पढाई जारी रखी. फाइनल ग्रुप के लिए कडा परिश्रम किया.
* अर्थव्यवस्था बेहतर
सीए कोर्सेस में मौजूदा जीएसटी के नियमों का समावेश किए जाने का उल्लेख कर उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का दावा किया. युवा सीए ने कहा कि, हमारे पाठ्यक्रम में काफी परिवर्तन किए गए है. जो प्रोफेशन में उपयोगी है. उसी प्रकार आईपीएस का एक अंतिम पेपर ओपन बुक पर्चा होता है. सीए चिराग कलंत्री को लगता है कि, इसकी आवश्यकता नहीं है. उसी प्रकार सीए कलंत्री ने मिडसाइज फर्म में स्टाइपेंड कम होने की बात भी कही. इसे बढाने की आवश्यकता उन्होंने बतलाई.

* पिता सिविल इंजीनियर, मां चिकित्सक
चिराग कलंत्री के पिता संदीप सिविल इंजीनियर है. वहीं मां डॉ. ज्योति होमिओपैथ चिकित्सक है. छोटी बहन सानिका बीडीएस कर रही है. चिराग के दादा डॉ. रामकिशोरजी कलंत्री बडे सेवाभावी चिकित्सक रहे हैैं. वे वाठोडा देहात में प्रैक्टिस करते. अपने विनम्र व मिलनसार स्वभाव के लिए सर्व परिचित हैं. सातुर्णा परिसर के घनश्याम नगर में भव्यदीप बंगले में निवास करते हैं.

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