अमरावतीमहाराष्ट्र

बेलोरा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं रहने का भाजपा नेताओं को ‘फटका’

वरुड में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 5 मिनट में लपेटी अपनी सभा

* धामणगांव से डेप्यूटी सीएम फडणवीस हेलीकॉप्टर छोडकर कार से हुए रवाना
अमरावती/दि.11– विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों का समय बेहद कीमती होता है और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार सभाओं को संबोधित करने हेतु तैयार किये जाने वाले नियोजित दौरे में एक-एक मिनट की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है. यहीं वजह है कि, ज्यादातर स्टार प्रचारक अपनी प्रचार सभाओं के लिए विमानों व हेलीकॉप्टरों में सवार होकर अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करते है, ताकि उनका समय बच सके. इसी के तहत गत रोज भाजपा के दो दिग्गज नेता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी विशेष विमानों व हेलीकॉप्टरों के जरिए अमरावती जिले के दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार हेतु आये थे. परंतु दोनों ही नेताओं को अमरावती के बेलोरा विमानतल पर रात के समय लैंडिंग व टेकऑफ की सुविधा नहीं रहने के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पडा. यहीं वजह रही कि, केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने वरुड में आयोजित जनसभा को 40 मिनट संबोधित करने की बजाय महज 5 मिनट का भाषण देकर लपेट दिया और वे तुरंत हेलीकॉप्टर में सवार होकर वरुड से बेलोरा विमानतल के लिए रवाना हो गये, ताकि शाम होने से पहले बेलोरा विमानतल से विशेष विमान के जरिए अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो सके. वहीं धामणगांव रेल्वे निर्वाचन क्षेत्र मेें पार्टी प्रत्याशी के प्रचार हेतु पहुंचे डेप्यूटी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपने हेलीकॉप्टर को धामणगांव में ही छोड दिया और वे कार के जरिए समृद्धि महामार्ग से होते हुए नागपुर की ओर रवाना हो गये. ऐसे में बेलोरा विमानतल पर रात के समय विमानों के टेक ऑफ व लैंडिंग हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराने का महत्व एक बार फिर सामने आया है और यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहने के चलते खुद सत्ता पक्ष से जुडे दो बडे नेताओं को बीती शाम भागमभाग का शिकार होना पडा.
बता दें कि, केंद्रीय मंत्री अमित शाह की गत रोज वरुड में जनसभा आयोजित थी. जहां पर उनका 3.45 बजे पहुंचना अपेक्षित था और इसके बाद भी 40 मिनट भाषण देने वाले थे. परंतु केंद्रीय मंत्री अमित शाह शाम 4.55 बजे वरुड पहुंचे और उन्होंने केवल 5 मिनट ही भाषण देकर अपना संबोधन खत्म कर दिया और वे वरुड से तुरंत ही रवाना भी हो गये. पता चला कि, केंद्रीय मंत्री अमित शाह का विशेष विमान बेलोरा विमानतल पर खडा था. जहां से वरुड की दूरी 100 किमी की है और वरुड से हेलीकॉप्टर के जरिए बेलोरा विमानतल पर पहुंचने हेतु 20 मिनट का समय लगना था. साथ ही गत रोज बेलोरा विमानतल से अंतिम टेक ऑफ का समय शाम 5.42 बजे का था. ऐसे में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 5.10 बजे वरुड की सभा का व्यासपीठ छोडा और वे हेलीकॉप्टर में सवार होकर अगले 20 मिनट के भीतर बेलोरा विमानतल पर पहुंचे और अपने अगले गंतव्य के लिए विमान में सवार होकर रवाना हो पाये. लेकिन इस विमान यात्रा के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को वरुड में महज 5 मिनट के भीतर अपना संबोधन खत्म करना पडा.
वहीं दूसरी ओर गत रोज राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंंद्र फडणवीस की धारणी व धामणगांव रेल्वे इन दो निर्वाचन क्षेत्रों में सभा थी और उनका दौरा भी हेलीकॉप्टर के जरिए ही चल रहा था. गत रोज धारणी में आयेाजित सभा निपटाकर डेप्यूटी सीएम फडणवीस का दोपहर 3 बजे तक धामणगांव पहुंचना अपेक्षित था. लेकिन वे करीब सवा 5 बजे के आसपास धारणी से धामणगांव पहुंचे. जहां पर सभा निपटाने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए आगे रवाना होगा असंभव था. क्योंकि अंधेरा हो जाने के बाद हेलीकॉप्टर द्वारा उडान भरना संभव नहीं था. इस बात को ध्यान में रखते हुए डेप्यूटी सीएम फडणवीस ने धामणगांव रेल्वे पहुंचते ही हेलीकॉप्टर को छोड दिया और उसे उडान भरकर चले जाने की अनुमति दी. साथ ही धामणगांव रेल्वे शहर में आयोजित प्रचार सभा को संबोधित करने के बाद डेप्यूटी सीएम देवेंद्र फडणवीस शाम 6.10 बजे कार के जरिए समृद्धि महामार्ग से होते हुए नागपुर के लिए रवाना हुई.
विशेष उल्लेखनीय है कि, बेलोरा विमानतल पर रात के समय टेक ऑफ व लैंडिंग हेतु प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं रही होती, तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को 100 किमी दूर स्थित वरुड जाकर महज 5 मिनट में भाषण निपटाते हुए 100 किमी वापिस आने की जद्दोजहद नहीं करनी पडती. साथ ही राज्य के उपमुख्यंमत्री देवेंद्र फडणवीस को भी दौडभाग करते हुए कार के जरिए धामणगांव से नागपुर नहीं जाना पडता, बल्कि दोनों नेताओं द्वारा अपनी नियोजित सभाओं को सही तरीके से पूर्ण किया जा सकता था और उसके बाद वे बडे आराम से बेलोरा विमानतल पर पहुंचकर अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हो पाते.

* 8 वर्षों से नाइट लैंडिंग की केवल घोषणाबाजी
बेलोरा विमानतल के विस्तारीकरण का काम जल्द पूरा हो जाएगा और यहां से रात के समय भी विमानों की टेक ऑफ व लैंडिंग शुरु हो जाएगी. इस आशय की घोषणाएं विगत 8 वर्षों से अब तक कई नेताओं द्वारा बार-बार की जाती रही है, लेकिन आज तक बेलोरा विमानतल से विमानों की नियमित उडाने शुरु नहीं हो पायी है. साथ ही यहां पर विमानों के टेक ऑफ व लैंडिंग करने की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हुई है. जिसका सीधा फटका गत रोज भाजपा के ही दो बडे नेताओं को लगा. क्योंकि बेलोरा विमानतल पर नाइट लैंडिंग व नाइट टेक ऑफ की सुविधा उपलब्ध नहीें रहने की वजह से दोनों नेताओं को भागमभाग वाली स्थिति का सामना करना पडा.

* मुंबई में पार्टी के कार्यक्रम की वजह से गडबडाया दोनों नेताओं का नियोजन
जानकारी सामने आयी है कि, गत रोज मुंबई में भाजपा का संकल्प पत्र विमोचन कार्यक्रम आयोजित था. जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की प्रमुख उपस्थिति थी. जिसके चलते प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उस कार्यक्रम में उपस्थित थे. इसी कार्यक्रम की वजह से दोनों नेताओं का आगे के सभी दौरे व सभाओं का नियोजन गडबडा गया. उस कार्यक्रम की वजह से अपने आने में विलंब होने की बात का उल्लेख केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वरुड की सभा में भी किया.

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