
* कोर्ट मैनेज होने का दिया जा रहा संदेश
अमरावती/ दि. 18- पूर्व विधायक तथा शिवसेना शिंदे गट के राष्ट्रीय सचिव अभिजीत अडसूल ने सांसद और विधायक राणा दंपत्ति पर सीधा हमला किया. अडसूल ने कहा कि विधायक राणा द्बारा किसी भी सूरत में महायुति के नेताओं को एक मंच पर लाने की भाषा ठीक नहीं है. शिवसेना का गठजोड भाजपा से है. युवा स्वाभिमान से नहीं. राणा दंपत्ति पर महायुति में वातावरण प्रदूषित करने करने का आरोप पूर्व विधायक ने किया और कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को राणा दंपत्ति के उपरोक्त बातों के लिए कान उमेठने चाहिए. नाहक बयानबाजी को रोकना चाहिए. राणा को चुप बैठाना होगा. अन्यथा हमें कडक भूमिका लेनी पडेगी, ऐसी धमकी भी कैप्टन अडसूल ने दी.
अडसूल ने कहा कि नवनीत राणा के जाति प्रमाणपत्र पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय शीघ्र आनेवाला है. देश के करोडों लोगों को कोर्ट पर विश्वास है. राणा दंपत्ति ने सम्मेलन के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया है कि कोर्ट के फैसले को वे नहीं मानते. यह भी कह दिया कि कोर्ट का फैसला उनके फेवर में ही है. अभिजीत अडसूल ने कहा कि ऐसा कहना गलत संदेश देता है. उसका नकरात्मक परिणाम आनेवाले दिनों में दिखाई देगा. भाजपा नेताओं को इस बात पर ध्यान देना चाहिए. नवनीत और रवि राणा पर ऐसी बातों और बयानों के लिए कार्रवाई होनी चाहिए.
शिवसेना शिंदे गट के नेता पूर्व सांसद आनंदराव अडसूल ने अमरावती लोकसभा क्षेत्र पर दावा किया है. यह सीट शिवसेना की है. उम्मीदवारी हमें ही मिलेगी, ऐसा दावा भी अडसूल कर रहे हैं. अडसूल ने यहां तक कह दिया कि नवनीत राणा का प्रचार करने की बजाय वह राजनीति से सन्याय ले लेंगे. अडसूल के पुत्र अभिजीत अमरावती सीट से इच्छुक हैं. उन्होंनेे नवनीत राणा की दावेदारी का कडा विरोध किया हैं. इसके कारण महायुति ने पेज पैदा हो गया है. इस बीच गत शनिवार शाम युवा स्वाभिमान का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ. जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के प्रस्ताव को मान्य करने पर सहमति दशाई गई. बाकायदा प्रस्ताव पारित किया गया. घटक दलों के नेताओं के विरोध में काम करने पर उन पर कार्रवाई की मांग करने की चेतावनी राणा समर्थकों ने दी.