अमरावतीमहाराष्ट्र

एसडीओ कार्यालय पर धमका बोंबाबोंब मोर्चा

नारेबाजी कर जताया केंद्रीय बजट का निषेध

* महाराष्ट्र राज्य शेत मजूर यूनियन व लाल बावटा, अ. भा. किसान सभा का आयोजन
चांदूर रेल्वे/दि.25 – किसानों और खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण गरीब जनता के विविध प्रश्नों को लेकर किसान सभा के कार्याध्यक्ष देवीदास राउत के नेतृत्व में शहर के मुख्य रास्तों से नारेबाजी करते हुए मोर्चा एसडीओ कार्यालय पर पहुंचा. यहां नारेबाजी कर किसान और खेतिहर मजदूर तथा कामगार विरोधी केंद्र सरकार के बजट का निषेध व्यक्त किया गया है. महाराष्ट्र राज्य शेत मजूर यूनियन, लाल बावटा व अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से यह मोर्चा निकाला गया था.
आंदोलनकारियों का कहना है कि, केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी किया गया बजट किसान व खेतिहर मजदूर व कामगारों के हित में नहीं है. किसानों को कृषि माल का गारंटी मूल्य दें. खादों पर अनुदान दें. डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करें. किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करें. मजदूरी के लिए मनरेगा पर अधिक रकम दें. असंगठित कामगारों के मानधन में वृद्धि की जाने का प्रावधान करें. केरल सरकार की तर्ज पर राज्य में घरकुल योजना के लिए 7 लाख रुपए की निधि दें तथा तहसील के सभी घरकुल के प्रलंबित आवेदन मंजूर करें.
लाडली बहन योजना के शेष आवेदन मंजूर करें. किसी भी लाभार्थी बहन को योजना से वंचित न रखे, लाडली बहनाओं को 1500 रुपए की बजाय 2100 रुपए सरकार द्वारा दिये गये आश्वासन के अनुसार लागू करें, संजय गांधी निराधार, श्रावण बाल योजनाओं की बकाया राशि दें, शोलय पोषक आहार, कामगारों का मानधन 1 हजार रुपए बढाये जाने का आश्वासन सरकार द्वारा दिया गया था. जिसमें मानधन बढाकर 18 हजार रुपए दे, उसी प्रकार उमरगांव में समाज मंदिर का निर्माणकार्य क्रांति ज्योति महिला मंडल की जगह पर करें व ग्राप जलका द्वारा नियोजित की गई जगह पर मंजूर किया गया काम तत्काल रद्द करें. इस प्रकार से मांग की गई.
एसडीओ कार्यालय पर किसान सभा कार्याध्यक्ष देवीदास राउत, महादेव गारपवार, श्याम शिंदे, दिलीप छापामोहन के नेतृत्व में पहुंचे. मोर्चेंं का रुपांतर सभा के रुप में हुआ. सभा में उपस्थितों ने सरकार की किसान व मजदूर विरोधी नीतियों का निषेध व्यक्त किया और मांगों से संबंधित निवेदन उपविभागीय अधिकारी को सौंपा. मांगे पूरी न होने पर तीव्र आंदोलन की भी चेतावनी दी गई. बोंबाबोंब मोर्चा में रामदास कारमोरे, सुभाष खांडेकर, रेखा कुंभरे, मंदा नंदरधने, मोहसीन खान, राजगुरु शिंदे, किशोर शिंदे, चंदा देवघरे, लता देवघरे, राजी शेख, देवीदास खडसे, अनिल मारोडकर, आशीष रामेकर, यादव नन्नावरे, संजय वानखडे, मुकूंदा तिरथकार, अशोक गवई, रमेश सोलंके, प्रवीण ठाकरे ने सहभाग लिया.

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