
अमरावती/प्रतिनिधि दि.१० – इस साल खरीफ सीजन के शुरुआती दौरा में ही जिले के सभी क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई. अतिवृष्टि के कारण जिले के अनेक क्षेत्रों में सोयाबीन फसल का बहोत नुकसान हुआ. उडद व मुंग की फसल भी तबाह हो जाने से किसानों की सारी उम्मीदें कपास फसल पर टिकी थी, लेकिन जब कपास की फसल खेतों में लहलहा रही थी तभी कपास पर बोडईल्ली का प्रादुर्भाव हो गया तथा कुछ हिस्सों में बोंड सड जाने से हाथ में आयी फसल निकल जाने से किसानों को बडी निराशा का सामना करना पडा है.
जिले में दस दिन पहले शासकीय कपास खरीदी को शुरुआत हो गई मगर 10 दिनों में जिले के पांच कपास खरीदी के्ंरद पर सिर्फ 10 हजार 60 क्विंटल कपास की खरीदी हुई है. अमरावती जिले में इस वर्ष बोडईल्ली व बोंड सडने के कारण कपास उत्पादन में किसानों को बडा नुकसान सहना पड रहा है. प्रति एकड औसतन 8 से 10 क्विंटल कपास की फसल लेने वाले किसानों को इस वर्ष केवल तीन से चार क्विंटल कपास पर ही समाधान मानना पड रहा है. अनेक क्षेत्रों में किसानों व्दारा केवल एक ही बार कपास निकाला गया. पश्चात बोंड सड गए थे. कपास को बहोत सारे बोंड आये है मगर बोंंड को ईल्ली ने तहसनहस कर दिया है.
जिले में 27 नवंबर से ही पणन महासंघ व सीसीआय के माध्यम से शासकीय कपास खरीदी को शुरुआत की गई. पणन महासंघ ने इस वर्ष अमरावती, दर्यापुर, वरुड व अन्य दो ऐसे कुल पांच स्थानों पर कपास खरीदी की शुरुआत की है. परंतु कपास उत्पादन बेहद कम है. इसलिए बीते दस दिनों में पणन महासंघ के पांच खरीदी केंद्र पर सिर्फ 10091.60 क्विंटल कपास खरीदी हुई है. दयापुर खरीदी केंद्र का छोड अन्य केंद्रों पर हर दिन 200 से 300 क्विंटल इतने कम प्रमाण में कपास बिक्री के लिए आ रहा है. ं