सालभर में अरबों रुपयों के खरीदी-विक्री के व्यवहार
सरकार को मिला 74 करोड रुपयों का राजस्व

* प्लॉट, फ्लैट व स्थायी संपत्ति में जमकर निवेश
अमरावती/दि.26– मुंबई, पुणे व नागपुर जैसे महानगरों की तर्ज पर सांस्कृतिक राजधानी का दर्जा प्राप्त अमरावती शहर में भी अब जमीन की खरीदी-विक्री के व्यवहार जमकर होने लगे है. विगत एक साल की कालावधि के दौरान अमरावतीवासियों ने जमीन की खरीदी-विक्री को लेकर अरबो रुपए के व्यवहार करते हुए मुद्रांक व पंजीयन शुल्क के तौर पर करीब 74 करोड रुपए का राजस्व सरकारी तिजोरी में जमा करवाया है. ऐसे में अब अमरावतीवासी भी बडे अभिमान के साथ ‘हम भी किसी से कम नहीं’ कह सकते है.
उल्लेखनीय है कि, विगत कुछ वर्षों के दौरान अमरावती शहर का विस्तार बडी तेजगति के साथ हुआ है और मनपा क्षेत्र की सीमा तक शहर की व्याप्ती हो गई है. साथ ही शहर से लगे क्षेत्रों में भी बडे पैमाने पर रिहायसी बस्तियां तैयार हो रही है तथा रोजाना ही किसी न किसी क्षेत्र में कोई नई फ्लैट स्किम लाँच हो रही है. ऐसे में जो इलाके अब तक दुर्लक्षित व अनदेखे पडे हुए थे, अब उन इलाकों के जमिनों के दाम भी आसमान को छूने लगे है. साथ ही साथ रियल इस्टेट के क्षेत्र में अमरावती ने अपना एक अलग स्थान बना लिया है.
विगत एक वर्ष के दौरान जमीन व फ्लैट सहित अचल संपत्ति की खरीदी-विक्री को लेकर अमरावती में 10 हजार 364 व्यवहार हुए. जिसकी ऐवज में सरकार को 73 करोड 90 लाख 4 हजार रुपए का पंजीयन व मुद्रांक शुल्क प्राप्त हुआ, यानी खत्म होने की ओर बढ रहे जारी आर्थिक वर्ष में अमरावतीवासियों ने करीब 74 करोड रुपए का राजस्व सरकारी तिजोरी में जमा कराया है. जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि, खरीदी-विक्री के व्यवहार कई अरब रुपयों के हुए होंगे और उस रकम का अनुमान लगाना भी मुश्कील है.
* जनवरी माह में उच्चांक
वर्ष 2024 के 6 माह दौरान सरकार को प्राप्त हुए राजस्व का आंकडा 5 करोड के आसपास था. लेकिन जनवरी 2025 में इस आंकडे ने रिकॉर्ड बना दिया. जब जनवरी 2025 में करीबन 912 व्यवहार हुए और सरकार को मिले राजस्व का आंकडा 6 करोड 95 लाख 82 हजार 530 रुपए के स्तर पर पहुंच गया. जिससे स्पष्ट है कि, जनवरी माह में सबसे अधिक व्यवहार हुए.
* कुछ इलाकों के दाम मुंबई से मिलते-जुलते
शहर के कैम्प व बियानी चौक सहित अन्य कुछ इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम मुंबई महानगर की जमिनों के बराबर है. इन इलाकों में संपत्ति लेनेवाले लोगों को उच्चभ्रू व अति श्रीमंत माना जाता है. इसके साथ ही शहर के कठोरा नाका, अकोली व नवसारी परिसर में भी जमिनों के दाम फिलहाल आसमान छू रहे है और इन क्षेत्रों में जमिनों की खरीदी-विक्री के व्यवहार फिलहाल जबरदस्त तेज है.
* महिनानिहाय दस्त संख्या व प्राप्त राजस्व
महिना दस्त संख्या प्राप्त राजस्व
जनवरी 2024 690 5,93,60,250
फरवरी 2024 708 5,35,87,751
मार्च 2024 837 6,46,51,000
अप्रैल 2024 624 5,19,17,870
मई 2024 734 5,66,43,577
जून 2024 569 3,83,18,699
जुलाई 2024 706 4,70,75,120
अगस्त 2024 918 5,15,40,045
सितंबर 2024 741 4,52,63,300
अक्तूबर 2024 719 4,73,37,715
नवंबर 2024 588 4,10,78,177
दिसंबर 2024 809 5,31,51,445
जनवरी 2025 912 6,95,82,530
फरवरी 2025 809 5,94,96,081