
अमरावती/दि.18– लोकसभा चुनाव प्रचार अब जोर पकड रहा है.विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव घूमना शुरू कर दिया हैं. नेताओं के परिवार भी और पार्टियों की महिला पदाधिकारी भी खूब प्रचार के लिए घूम रहे हैं. हालाकि, कुछ नेता और पदाधिकारी पार्टी के साथ अपने प्रचार को पंजीकृत करने के उद्देश्य से साधारण कार्य करते दिख रहे हैं. लेकिन कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि वे इस जिद के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं कि उम्मीदवार को चुना जाये.
कई नये-पुराने पदाधिकारी,कार्यकर्ता, विद्यमान-पूर्व जिला परिषद, पंचायत समिति के सदस्य, नगरसेवक ऐसे कईयों का जमावडा देखा जा सकता है. चूंकि राजनीति में नये-नये आये उत्सुक और उत्साही लोगों को ‘भावी’ कहा जाता है, ऐसे नये युवाओं का दायरा काफी बढ गया है. ऐसे में ऐसे कार्यकर्ताओं को घूमते देखना लोगों के लिए मनोरंजन का विषय बन गया है. घर की बनी रोटी खाने और बिना किसी बात की परवाह किए तेज धूप में चलने की जिद करने वाले कार्यकर्ता अब थक चुके हैं.
* निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अभाव
समय बीतने के साथ-साथ ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं के हाशिये पर चले जाने की दुखद तस्वीर सामने आती है. दिन में प्रचार के नाम पर एसी ट्रेनें चल रही हैं तो शाम होते ही ढाबे, बार, रेस्टोरेंट हाउस फुल हो जा रहे हैं. यह संस्कृति अब बढ रही है. यह लोकसभा चुनाव कई मायनों में बेहद अहम हैं. देश के भविष्य को आकार देने वाले चुनावों को सभी को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए. लेकिन हकीकत में ऐसा होता नहीं दिख रहा.