
* 5 वर्षों का आंकडा
अमरावती/दि.4– गत 5 वर्षों में जिले में 952 ओबीसी किसानों ने आत्महत्या की है. यह आंकडा मराठा समाज के पिछडेपन की जांच दौरान सामने आने का दावा किया जा रहा है. अनुसूचित जाति के 372 किसानों ने मौत को गले लगाया. 5 वर्षों में जिले में 1843 किसान आत्महत्या दर्ज की गई. जिसमें से 52 प्रतिशत ओबीसी प्रवर्ग के किसान होने का दावा किया जा रहा है. कदाचित पहली बार किसान आत्महत्या में भी जातिनिहाय आंकडे उजागर हो रहे हैं.
* 18 वर्षों में 5257 आत्महत्या
2006 से किसान आत्महत्या बडे प्रमाण में दर्ज हो रही है. मार्च 2024 तक 5257 किसानों ने मौत को लगे लगाया. जिसके बाद सरकार ने 1 लाख रुपए की मदद घोषित कर रखी है. जिसमें 30 हजार रुपए नगद दिये जाते है. 70 हजार रुपए बैंक में जमा किये जाते हैं. 18 वर्षों में मदद राशि बढाई नहीं गई है. उसी प्रकार सहायता के मापदंड भी बदले नहीं गये. अनेक पीडित परिवार सरकारी सहायता से इन मापदंडों के कारण वंचित है.
* प्रवर्ग निहाय किसान आत्महत्या (2018-23)
मराठा समाज 01
ओबीसी प्रवर्ग 952
अनुसूचित जाति 72
अनुसूचित जनजाति 203
विमुक्त जाति 41
घुमंतू जनजाति ब 37
घुमंतू जनजाति क 45
घुमंतू जनजाति ड 10
विशेष पिछडा वर्ग 28
खुला प्रवर्ग 154