
अमरावती/दि.06– राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार की तर्ज पर महाराष्ट्र में जातीय जनगणना का अभ्यास कर उसी पध्दत का पैटर्न क्या अमल में लाया जा सकता है. इस संबंध में निर्णय सरकार के विचारधीन रहने की जानकारी राज्यसभा के सांसद तथा भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल बोंडे ने दी. इस संदर्भ में मीडिया द्बारा उन्होंने प्रश्न उपस्थित किया. तब उन्होंने यह जानकारी दी. डॉ. बोंडे के अनुसार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने यह मांग की है. आरक्षण सभी मांग रहे है. इस कारण कौन से जाति की कितनी संख्या है. इसकी जानकारी रखना कोई गलत बात नहीं है. भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर छत्रपति शाहू महाराज के विचारों की तरह राजसत्ता में शिक्षा में, नौकरियों मे हर किसी का प्रतिनिधित्व रहना चाहिए. कोई भी समाज इससे वंचित न रहे, इसके लिए जातिय जनगणना कि तो उचित होगा. हर किसी को न्याय मिलेगा. इस तरह के विचार भी डॉ. अनिल बोंडे ने व्यक्त किए.
होने दो चर्चा की उडाई खिल्ली-शासकीय योजनाओं का भांडा फोड करने के लिए उध्दव बालासाहब ठाकरे गुट की ओर से होने दो चर्चा यह उपक्रम अमल में लाया जा रहा है. इस संदर्भ में सांसद डॉ. अनिल बोंडे से पूछने पर उन्होंने इस अभियान की जमकर खिल्ली उडाई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ताकाल में महिलाओं को जिस तरह शौच के लिए गांव के बाहर जाना पडता था. इसकी भी चर्चा उन्होंने करना चाहिए. आज महिलाओं को शौचालय मिला है. ग्रामीण क्षेत्र में हर घर में शौचालय बने है. कांग्रेस के जमाने पर लकडियों पर खाना बनाना पडता था. जिससे महिलाओं की उम्र कम होती थी. अब उज्वला गैस सिलेंडर मिलने से महिलाओं को काफी आसानी हो गई है. कोरोना काल में जो कुछ घोटाला हुआ उसकी भी चर्चा करनी चाहिए. उध्दव बालासाहब ठाकरे के बेटे ने रात के समय मुंबई में क्या कारनामे किए इसकी भी चर्चा करनी चाहिए. इन शब्दों में डॉ. बोंडे ने होने दो चर्चा की खिल्ली उडाई.