अमरावतीमहाराष्ट्र

तीन माह में महिला अत्याचारों का ‘शतक’

बलात्कार विनयभंग के मामलो में लगातार इजाफा

* नाबालिग बच्चियां भी बन रही निशाना
अमरावती /दि.1– जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विगत तीन माह के दौरान महिला अत्याचार के करीब 100 एफआईआर दर्ज किए गए है. जनवरी से मार्च माह के कालावधि के दौरान जिले के 31 पुलिस थानों में बलात्कार के 32 व विनयभंग के 68 अपराधिक मामले दर्ज किए गए. गत वर्ष इसी कालावधि के दौरान बलात्कार के 9 व विनयभंग के 54 ऐसे कुल 63 मामले दर्ज हुए थे. ऐसे में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बलात्कार के 23 व विनयभंग के 14 मामले बढे है. खास बात यह है कि, बलात्कार को लेकर दर्ज 32 एफआईआर में नाबालिग लडकियों के साथ हुए दुराचार का प्रतिशत अधिक है.
ज्ञात रहे कि, मौजूदा युवा पीढी सुबह से लेकर देर रात तक सोशल मीडिया के साथ जुडी रहती है और सोशल मीडिया का अति प्रयोग आज की युवा पीढी के लिए सबसे बडी समस्या बन गया है. साथ ही उन्हें इस बात पर एहसास भी नहीं है कि, वे धीरे-धीरे सोशल मीडिया के व्यसनी हो गए है. वहीं इसी वजह के चलते लडके-लडकियों के भाग जाने का प्रमाण भी काफी अधिक बढ गया है. सोशल मीडिया के जरिए होनेवाली आभासी जान-पहचान के बाद विवाह का झांसा देते हुए आगे चलकर दुराचार और फिर इससे भी आगे कुमारी माता जैसी नई समस्याएं निर्माण होती है. विगत तीन माह के दौरान 10 से अधिक नाबालिग लडकियां दुराचार के चलते गर्भवती हुई है.

* दुराचार के आरोपी आपसी परिचय वाले ही
दुराचार के ज्यादातर मामलों में आरोपी आपसी जान-पहचान व रिश्तेदारी वाले ही रहने का निरीक्षण पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है. इसके अलावा विनयभंग वाले मामलो में भी अक्सर आरोपी जान-पहचान वाले ही होते है.

* गत वर्ष दर्ज हुए थे 418 एफआईआर
वर्ष 2024 में बलात्कार के 132 व विनयभंग के 290 एफआईआर दर्ज किए गए. इसमें भी नाबालिग लडकियों के साथ दुराचार व विनयभंग की संख्या काफी अधिक थी.

* तीन माह में 58 नाबालिग लापता
विगत तीन माह के दौरान 18 वर्ष से कम आयु वाले 58 नाबालिग लडके-लडकियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायते भी दर्ज की गई है.

* किशोरवयीन बच्चे इन दिनों सोशल मीडिया पर अधिकाधिक समय बिताने लगे है. सोशल मीडिया के अति प्रयोग की वजह से व्यक्ति के व्यवहार में लक्षणीय बदलाव होते है और अचानक ही इसका प्रयोग बंद करना तकलीफदेह भी साबित हो सकता है.
किरण वानखडे
पुलिस निरीक्षक,
अनैतिक मानवी वाहतूक प्रतिबंधक कक्ष

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