
अमरावती/दि.28– प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सडक योजना ग्रामीण क्षेत्र के हर गांव को जोडने वाली महत्वपूर्ण योजना है. लेकिन इन योजनाओं पर ठीक तरह से अमल नहीं हो पा रहा है, इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में दोनों योजनाओं के काम लंबित है. राज्य सरकार इस योजना में जारी गडबडी की जांच करेगी क्या? ऐसा सवाल तिवसा विधानसभा क्षेत्र की विधायक तथा पूर्व पालकमंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने नागपुर के शीतकालीन अधिवेशन में किया.
विधायक एड. यशोमति ठाकुर ने अधिवेशन के सातवें दिन सदन के कामकाज में सहभागी होकर किसानों के प्रश्नों को लेकर सरकार से जवाब मांगा. हिंदूहृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग के कारण परिसर के किसानों को हो रही असुविधा पर भी एड. ठाकुर ने सदन में सभी का ध्यान केंद्रीत किया. महामार्ग के पास जिन किसानों की खेती है उन्हें अपने खेत में जाने के लिए मार्ग बनाकर देने का वादा किया गया था. पहले दिन से राज्य सरकार व जिला प्रशासन यह वादा कर रही थी, लेकिन समृद्धि महामार्ग शुरु हो जाने के बाद भी अभी तक किसानों को उनके खेत में आवाजाही के लिए रास्ता नहीं दिया गया है. बाधित किसानों को आवाजाही के लिए उनके अधिकार का खेत का मार्ग कब मिलेगा, समय निश्चित कर यह रास्ता कब निर्माण किया जाएगा. यह राज्य सरकार को स्पष्ट करने की मांग भी विधायक एड. यशोमति ठाकुर ने की.
* विशेष लोगों को ही सडक निर्माण का ठेका
विधायक एड. यशोमति ठाकुर ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सडक योजना को लेकर सदन में आवाज उठाते हुए कहा कि, केवल अमरावती जिले के ही नहीं बल्कि संपूर्ण महाराष्ट्र राज्य की सडकों का निर्माण का ठेका कुछ लोगों को ही दिया जाता है. 5 से 6 वर्षो तक सडकों का काम चलता है फिर भी यह काम पूर्ण नहीं हो पाते है. इस अनियमितता की राज्य सरकार ने तत्काल जांच करनी चाहिए.