अमरावतीमहाराष्ट्र

6 वर्ष से कम उम्र होने पर बच्चे का पहली में प्रवेश नहीं

जून माह से इस निर्णय पर अमल किया जायेगा

अमरावती/दि.07– केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कक्षा पहली में प्रवेश लेनेवाले विद्यार्थियों की उम्र निश्चित की गई है. इस संबंध में आदेश शासन ने जारी किए है. नई शैक्षणिक सत्र 2024-25 से कक्षा पहली में प्रवेश लेने के लिए बच्चों की उम्र 6 वर्ष पूरी होना चाहिए. कक्षा पहली में प्रवेश की उम्र मर्यादा में बदलाव किया गया है. पहली में प्रवेश के लिए 6 वर्ष पूरे होना आवश्यक है. ऐसे निर्देश केंद्रीय शिक्षा विभाग ने दिए है. यह उम्र मर्यादा एनईपी 2020 अंतर्गत प्रस्तावित है. विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखकर पहली कक्षा में प्रवेश के लिए यह नया नियम किया जायेगा. शाला विशेषकर निजी शाला व पालक अनेक बार बच्चे क्लास में बैठने के लिए तैयार है या नहीं इसका विचार न कर नर्सरी, केजी, प्री-प्रायमरी में बच्चों का एडमीशन करते हैं. ऐसी शालाओ को जून से शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जायेगा.

बच्चों को मिलेगी बचपन की खुशी
अब 6 वर्ष से कम आयु रहनेवाले बच्चे को शाला में प्रवेश नहीं मिलेगा. इससे पूर्व निजी शाला में कम उम्र के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता था. जिसके कारण बच्चे पर कम उम्र में ही पढाई का बोझ लाद दिया जाता है. जिसके कारण बच्चे को बचपन की खुशी नहीं मिलती थी. इससे विद्यार्थी के मेंदु के विकास पर भी परिणाम होता है.

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