मदरसा सिराजुल उलूम वलगांव से की पढ़ाई पुरी कर
मो. सरवर बना रंगरेज़ बिरादरी का पहला हाफिज़-ए-कुरान

*मान्यवरों के हाथों सत्कार
अमरावती/दि.23– अमरावती जिले पूर्णानगर के रंगरेज बिरादरी से संबंध रखने वाले मोहम्मद अनवर के 14 साल के बेटे मोहम्मद सरवर ने वलगांव स्थित मदरसा सिराजुल उलूम से रंगरेज बिरादरी में पहला हाफिज़-ए-कुरान बनकर रंगरेज़ बिरादरी का नाम रोशन किया है. जिसके चलते बिरादरी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं व्दारा सरवर का सत्कार किया जा रहा है.
मदरसा सिराजुल उलूम वलगांव के उस्ताद हाफिज जमील अहमद के निगरानी में मोहम्मद सरवर ने अपनी हाफ़िज-ए-कुरान की पढ़ाई 14 साल की उम्र में पूरी कर हाफिज-ए-कुरान की पदवी हासिल कर अपने मां-बाप व बिरादरी का नाम रोशन किया है. रंगरेज बिरादरी की तरफ से पूर्णानगर में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया. स्वागत समारोह में रंगरेज बिरादरी का पहला हाफिज-ए-कुरान बना मोहम्मद सरवर का रंगरेज़ बिरादरी के नासिर सोलंकी, अलीम सोलंकी, जाकिर सोलंकी, अमरावती से नासिर सोलंकी मित्र मंडली के इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग शहर अध्यक्ष इमरान अशरफी, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.असलम भारती, सलमान खान एटीएस, इरशाद खान पठान, मोहम्मद आसिफ ने हाफ़िज मोहम्मद सरवर का सत्कार कर हौसला अफजाई बढायी.