मानसून के विदर्भ आगमन पर असमंजस
मौसम विशेषज्ञों ने कहा - अभी नहीं बता सकते

अमरावती/ दि. 23- मानसून आगामी 31 मई को केरल में दाखिल होने का अंदाज जताया गया है. किंतु विदर्भ में उसकी एंट्री कब होगी. इसे लेकर संभ्रम है. मौसम वैज्ञानिक कह रहे हैं कि अभी बता नहीं सकते कि मानसून अमरावती- नागपुर में कब दाखिल होगा. हवाओं के चक्र पर मानूसन की यात्रा निर्भर रहती है.
दक्षिण- पश्चिम मानसून पहले अंडमान निकोबार द्बीप समूह में पहुंचा. अब केरल में दाखिल होगा. उपरांत चरण दर चरण कर्नाटक गोवा से महाराष्ट्र और फिर पूरे देश में मानसून पहुंचता है. आज बंगाल की खाडी में हवा का कम दबाव का क्षेत्र बनने वाला है. यह बंगाल के उपसागर में ईशान्य दिशा में बढने की संभावना है. 24 मई तक इसकी तीव्रता बढेगी और बंगाल की खाडी में डिप्रेशन में तब्दील होगा. उपरांत तूफान का प्रवास ईशान्य दिशा में रहेगा और इसकी तीव्रता भी बढने की संभावना है. इस तूफान के कारण विदर्भ का बाष्प बंगाल की खाडी में चला जायेगा. जिससे विदर्भ में सूखा-सूखा वातावरण होगा. उधर मानसून का प्रवास गतिमान होने की संभावना है. 31 मई तक केरल पहुंच जायेगा.
* क्या कहते हैं जानकार
मौसम के जानकार माणिकराव खुले ने बताया कि मानसून गत रविवार 19 मई को अंदमान पहुंच गया और अब आगे बढ रहा है. बंगाल की खाडी में इस सप्ताह बन सकता है.
* विदर्भ की तारीख तय नहीं
मौसम तज्ञ प्रा. अनिल बंड ने कहा कि मानसून के विदर्भ में पहुंचने की भविष्यवाणी करना फिलहाल कठिन है. किसानों ने अफवाहों पर विश्वास नहीं रखना चाहिए, ऐसा आवाहन भी प्रा. बंड ने किया. माणिकराव खुले ने कहा कि विदर्भ में दोपहर को अधिकतम तापमान औसत से 4 से 6 डिग्री अधिक है. 43 डिग्री तक तापमान बना हुआ है. अगले 5 दिन सर्वत्र उष्ण लहर रहनेवाली है. अमरावती में बुधवार को 43.4 डिग्री और अकोला में सर्वाधिक 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
परसों से नवतपा
परसों शनिवार से नवतपा शुरू हो रहा है. उसके पहले पारे ने छलांग लगाकर विदर्भ के लोगों को हलकान कर दिया है. अधिकतम तापमान रोज बढ रहा है. इसके कारण मानसून की बारिश के आने में अभी समय है. दूसरी ओर विदर्भ के लोग बेमौसम बारिश और हीट वैव एक साथ सहन कर रहे हैं.
* इस बीच विदर्भ के कई भागों में बेमौसम बरसात ने किसानों को परेशान कर रखा है. मूंगफली, ज्वार और मूंग की फसल का नुकसान होने का अंदाज व्यक्त किया जा रहा है. अमरावती जिले के टाकरखेडा शंभु, शेंदुरजनाघाट और वरूड- मोर्शी तहसीलों के कई भागों में बेमौसम बरसात तथा अंधड ने कहर ढाया. खेती किसानी का नुकसान करने के साथ कई घरों के टीन और छते उड गई.