अमरावतीमहाराष्ट्र

पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेसियों ने जताया शोक

पार्टी सहित देश के लिए बताया अपूरणीय क्षति

अमरावती /दि.28– बीती रात देश के पूर्व प्रधानमंत्री व महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया. 94 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह विगत कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे. वर्ष 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीबी नरसिंहराव की सरकार में वित्त मंत्री रहने वाले डॉ. मनमोहन सिंह आगे चलकर वर्ष 2004 से 2014 तक पूरे 10 वर्ष देश के प्रधानमंत्री रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री पद पर अपने दो कार्यकालों को बडी सफलतापूर्वक पूरा किया. ऐसे में आज डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर सामने आते ही शहर सहित जिले के कांंग्रेसियों में शोक की लहर व्याप्त हो गई और कांग्रेस नेताओं व पदाधिकारियों ने डॉ. मनमोहन सिंह के निधन को कांगे्रस पार्टी सहित देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया.

* आर्थिक सुधारों के शिल्पकार थे डॉ. सिंह
जिले की कद्दावर कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री एड. यशोमति ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि, अपनी विलक्षण बुद्धि कौशल्य, प्रतिभा एवं दूरदृष्टि के दम पर डॉ. मनमोहन सिंह ने देश को एक नई उंचाई पर पहुंचाया था. वे केवल एक ब्यूरोक्रेट या राजनेता ही नहीं थे, बल्कि एक विचारक, अर्थशास्त्री और सच्चे देशभक्त भी थे. साथ ही उनके प्रत्येक शब्द से उनकी विनम्रता और उनके व्यवहार से उनकी सादगी झलका करती थी. इसके साथ ही पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि, वर्ष 1991 में आर्थिक सुधारों को अमल में लाने से पहले वैश्विक स्तर पर भारत को प्रतिष्ठा दिलाने तक डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान विशेष उल्लेखनीय रहा और आज उनका निधन हो जाने के चलते देश का काफी बडा नुकसान हुआ है.

* उत्तम नेता व बेहतरीन प्रशासक थे डॉ. सिंह
शहर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. सुनील देशमुख के मुताबिक दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपने आप में एक उत्तम नेता व बेहतरीन प्रशासक थे तथा उन्होंने उस समय देश की अर्थ व्यवस्था को शानदार तरीके से संभाला था. जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी की चपेट में थी. इस तरह से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने साबित किया कि, वे केवल अर्थशास्त्र का किताबी ज्ञान ही नहीं रखते, बल्कि अर्थशास्त्र के नियमों पर हकीकत में अमल करने का माद्दा भी रखते है. यहीं वजह रही कि, एक अर्थशास्त्री के तौर पर उनकी प्रतिभा का लोहा पूरी दुनिया माना करती थी. आज हमारे बीच से एक महान नेता व अर्थशास्त्री चला गया है.

* पूरी दुनिया में भारत को दिलाई थी अलग पहचान
कांग्रेस पार्टी के अमरावती ग्रामीण जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने सन 1991 के बाद देश में कई आर्थिक सुधार करते हुए उदारीकरण के दौर को शुरु किया था. जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली थी. जिसकी बदौलत पूरी दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बनी. साथ ही डॉ. सिंह द्वारा किये गये प्रयासों की बदौलत ही विदेशों में गिरवी रखा गया सोना भी देश में वापिस लाने की सफलता हासिल हुई थी. डॉ. सिंह का निधन कांग्रेस पार्टी सहित देश के लिए काफी बडा नुकसान है.

* विदर्भ के किसानों हेतु दिया था विशेष पैकेज
कांग्रेस के अमरावती शहराध्यक्ष बबलू शेखावत के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अपने आप में बेहद संवेनशील व्यक्ति थे. जिन्होेंने किसान आत्महत्याग्रस्त विदर्भ क्षेत्र के किसानों हेतु विशेष आर्थिक पैकेज दिया था और यह पैकेज देने हेतु वे खुद महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहे वर्धा जिला में आये थे. डॉ. सिंह द्वारा दिये गये विशेष पैकेज के चलते ही आगे चलकर विदर्भ क्षेत्र में किसान आत्महत्याओं का सिलसिला धीरे-धीरे कम हुआ. इसके साथ ही बबलू शेखावत ने यह भी बताया कि, उन्हें दो बार पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से प्रत्यक्ष मिलने का अवसर प्राप्त हुआ था और दोनों ही मुलाकातोें में उन्होंने डॉ. सिंह को बेहद विनम्र एवं मिलनसार व्यक्ति के तौर पर पाया था.

* देश की प्रगती में रहा उल्लेखनीय योगदान
कांग्रेस नेता एवं पूर्व महापौर विलास इंगोले ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, महान अर्थशास्त्री रहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का देश की आर्थिक प्रगती में विशेष योगदान रहा तथा उनके द्वारा सन 1991 में किये गये आर्थिक सुधारों की बदौलत ही देश आज हर क्षेत्र में शानदार प्रगती कर रहा है. साथ ही पूर्व महापौर विलास इंगोले ने डॉ. सिंह से जुडी हुई यादों को ताजा करते हुए बताया कि, उन्हें तत्कालीन लोकसभा सदस्य अनंत गुढे व पूर्व महामहिम दादासाहब गवई के जरिए एक प्रतिनिधि मंडल के साथ डॉ. मनमोहन सिंह से प्रत्यक्ष मिलने का अवसर मिला था. जब उन्हें विदर्भ के किसानों की बदहाली के बारे में जानकारी दी गई थी और तब डॉ. सिंह ने विदर्भ के किसानों हेतु तुरंत ही विशेष पैकेज घोषित किया था.

* अहंकार व आडंबर से बेहद दूर साधे व विनम्र व्यक्ति थे डॉ. सिंह
राष्ट्रीय युवक कांग्रेस सहित प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहने वाले भैया पवार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को एक बेहद इमानदार, कर्मठ व विनम्र नेता के तौर पर याद करते हुए कहा कि, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, केंद्रीय वित्त मंत्री तथा दो बार देश के प्रधानमंत्री रहने के बावजूद उच्च विद्या विभूषित डॉ. मनमोहन सिंह में लेशमात्र का भी अहंकार नहीं था और वे तमाम तरह के आडंबरों से दूर रहते हुए बेहद साधे व सामान्य व्यक्ति के तौर पर रहना पसंद करते थे. यहीं बात उन्हें सबसे अलग और सबसे बडा भी बनाती थी. भैया पवार के मुताबिक जिस समय डॉ. सिंह देश के वित्त मंत्री बने थे, तब वैश्विक मंदरि का दौर चल रहा था. जिससे डॉ. सिंह ने भारत को पूरी तरह से अप्रभावित रखते हुए देश की अर्थव्यवस्था को शानदार तरीके से संभाला था. इसके साथ ही भैया पवार ने डॉ. सिंह के साथ हुई अपनी मुलाकातों का भी जिक्र करते हुए उनके निधन पर शोक जताया.

* महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी की सचिव देवयानी कुर्वे ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन को कांग्रेस पार्टी सहित देश के लिए बडा नुकसान बताते हुए कहा कि, डॉ. सिंह एक तरह से कांग्रेस पार्टी का बेहद मजबूत आधारस्तंभ थे. जिनके नेतृत्व में देश के आर्थिक विकास को नई गति मिली थी. आज उनका निधन हो जाने के चलते देश ने एक महान नेता व अर्थशास्त्री को खो दिया है.

* देश की आर्थिक गिरावट रोकी
कांग्रेस नेता किशोर बोरकर ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह महान नेता थे. देश का 10 वर्षो तक नेतृत्व सफलता करने वाले डॉ. सिंह ने वित्त मंत्री के रुप में क्रांतिकारी आर्थिक नीतियां लायी. देश की आर्थिक गिरावट को रोकने का बडा कार्य उन्होंने किया. सामान्य व्यक्ति तक विकास के फल पहुंचाने का विचार उन्होंने आत्मसात कर रखा था. अपने विचारों को उन्होंने न केवल अपने कार्यकाल मेें साकार किया बल्कि वे सदैव इसके लिए प्रयत्न करते रहें. भारत ने एक महान कर्णधार खो दिया है. ईश्वर उनकी आत्मा को चिर शांति प्रदान करें, यही प्रार्थना.
-किशोर बोरकर
प्रदेश महासचिव कांग्रेस.

* देश ने खोया महान नेता
भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन का दुखद समाचार गत रात चैनलों से मिला. बडा दुख हुआ. विश्व स्तर पर आर्थिक मंदी रहते डॉ. सिंह ने भारत की अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाया. अनेक वर्षो तक उनकी नीतियों की बदौलत भारत ने कई विकसित देशों की तुलना में अधिक आर्थिक प्रगति की. अर्थ व्यवस्था को भी उभार दिया. वे आर्थिक क्रांति के जनक के रुप में समस्त भारतीयों के दिल में कायम रहेंगे. देश के हित में काम करने वाले और प्रसिध्दी से दूर रहने वाले मनमोहन सिंह अनूठे व्यक्ति थे. भारत ने आज उनके रुप में एक महान नेता को खो दिया है. अत्यंत संयमी और दृढ निश्चयी नेता के रुप में उनकी पहचान रही. उन्होंने विश्व की महाशक्तियों के सामने झुकने से भी इंकार कर दिया था. वे कांग्रेस पार्टी के नेता बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर, नियोजन आयोग के अध्यक्ष और वित्त मंत्री बने थे. प्रत्येक पद के साथ उन्होंने न्याय किया. आज भारत में जो आर्थिक प्रगति नजर आ रही है. शहरों और गांवों का विकास हुआ है. इंफ्राट्रक्चर बढा है तो इसका काफी श्रेय डॉ. मनमोहन सिंह की अर्थ नीतियों को दिया जा सकता है. आज की घडी में उन जैसा कम बोलने वाला और अधिक कर दिखाने वाला प्रधानमंत्री देश को चाहिए था. ऐसे समय में उनका जाना अधिक दुखदायी है.
– रामेश्वर अभ्यंकर,
अमरावती

* देश को नई दिशा देने वाले अर्थशास्त्री थे
दुनिया मे एक प्रमुख आर्थिक शक्ती के रूप में भारत का उदय निर्माता बनकर, भारत को सक्षम बनाने की नींव आपने रखी. पी. व्ही.नरसिंह राव जब भारत के पंतप्रधान बने तब देश की आर्थिक परिस्थिति नाजुक थी इससे उभर पाना बहोत बड़ी चुनौती थी. विपरीत परिस्थिति में मनमोहन सिंह को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौपी गयी और उन्होंने उसे बखूबी साबीत कर दिखाया और जागतिक व्यापार में भारत का नाम उज्वल हो गया और आनेवली पीढ़ियों का उद्योग, व्यापार और रोजगार का मार्ग प्रशस्त बन पाया.
आपके पंतप्रधान पद के कार्यकाल में आपने बेरोजगारी , बच्चों की शिक्षा, न्यूक्लियर डील ,आधार कार्ड, सूचना का अधिकार जैसे अविस्मरणीय कार्य देशहित में दीर्घकालिक उनकी सोच के परिणाम आज हम देख रहे हैं . देश ने आज बहोत महान अर्थशास्त्री को खोया है.
– विनोद कलंत्री,
अध्यक्ष, अमरावती चेंबर ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्री.

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