अमरावतीमहाराष्ट्र

शहर में 60 अस्पताल फायर सेफ्टी एनओसी के बीना

153 अस्पतालों सहित 57 होटल, बार व रेस्टॉरेंट की हुई जांच

अमरावती/दि.25– मनपा के अग्निशमन विभाग में इन दिनों शहर के विविध आस्थापनाओं व प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण व व्यवस्था है या नहीं तथा उन्होंने फायर सेफ्टी ऑडीट करवाया है अथवा नहीं इसकी जांच-पडताल करनी शुरु की है. इसके तहत विगत 25 दिनों में शहर के 153 अस्पतालों की पडताल की गई है. इसमें से 60 हॉस्पिटल के फायर सेफ्टी ऑडीट की मुदत पहले ही खत्म हो गई थी. जिसके चलते उन्हें तत्काल फायर सेफ्टी ऑडीट का एनओसी प्राप्त करने हेतु नोटिस जारी की गई.
बता दें कि, अस्पताल में अक्सर मरीजों व उनके रिश्तेदारों की भीडभाड होती है. जिनकी सुरक्षा के लिहाज से अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडीट रहना अनिवार्य भी होता है. इसके साथ ही मनपा द्वारा शहर के 57 होटल, बार व रेस्टॉरेंट की भी जांच-पडताल की गई. जिसमें से अधिकांश के पास फायर सेफ्टी ऑडीट हो चुकने एनओसी थी वहीं कुछ चुनिंदा होटल की ही एनओसी का नूतनीकरण करना है, जिसके लिए मनपा प्रशासन द्वारा नोटिस जारी की गई है. इसके अलावा शहर के 60 स्कूलों व कॉलेजो में भी आवश्यक जांच-पडताल की गई. इसमें से कुछ स्थानों पर एनओसी का रिनिवल करना है. वहीं शेष स्कूल व कॉलेजो में अग्निशमन व्यवस्था पूरी तरह से ठीक है.
बता दें कि, मनपा अग्निशमन विभाग के तीन पथक लगातार फायर सेफ्टी ऑडीट व एनओसी की जांच के काम लगे है. जिसके तहत तीनों पथकों द्वारा सुबह 10 से शाम 6 बजे तक विभिन्न आस्थापनाओं व प्रतिष्ठानों की जांच-पडताल का काम किया जा रहा है.

* रिहायशी इमारतों की भी जांच
शहर में स्थित बहुमंजिला इमारतों की अंतिम सूची भी तैयार हो चुकी है तथा अग्निशमन विभाग के पथक द्वारा जल्द ही ऐसी इमारतों की भी पडताल करते हुए वहां पर रहनेवाले अग्निशमन इंतजामों का मुआयना किया जाएगा. शहर में कई स्थानों पर चार से पांच मंजिला इमारते है. जहां पर फायर एक्झीट, फायर एक्स्टिंग्युशर तथा लिफ्ट रहने पर लिफ्ट के पास अग्निशमन यंत्रणा की सुविधा है अथवा नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी.

* ढाबे व टपरियों के लिए भी एनओसी अनिवार्य
शहर में रास्तों के किनारे व मनपा क्षेत्र में स्थित ढाबे तथा खाद्यपदार्थ विक्रेताओं की टपरियों के लिए सबसे पहले फायर सेफ्टी ऑडीट को अनिवार्य किया गया है. इसके पहले ढाबे व टपरी के लिए एनओसी अनिवार्य नहीं थी, परंतु आग कहीं पर भी लग सकती है और इससे बडे पैमाने पर हानि हो सकती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए अब सभी को फायर सेफ्टी एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है.
– संतोष केंद्रे
प्रभारी अग्निशमन अधीक्षक.

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