
* मामला वोटिंग करते वीडियो वायरल करने का
अमरावती/ दि. 1 – गत शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान करते समय अपने स्मार्टफोन से वीडियो निकालकर उसे समाज माध्यमों पर वायरल करनेवाले लोगों का ब्यौरा लेकर पुलिस की साइबर अपराध सेल ने रिपोर्ट तैयार की है. यह रिपोर्ट जिला चुनाव अधिकारी और कलेक्टर सौरभ कटियार को सौंपे जाने की जानकारी साइबर सेल के अधिकारी ने अमरावती मंडल को दी. उन्होंने बताया कि अब इस बारे में कार्रवाई का डीसीजन कलेक्टर को लेना है. सूत्रों ने अमरावती मंडल को यह भी बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस संबंधित लोगों पर अपराध दर्ज कर उनकी धर पकड कर सकती है.
* वोटिंग के अनगिनत वीडियो
इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर मतदान करने के साथ कई लोगों ने फोन से न केवल फोटो खींचे बल्कि वीडियो बनाए. 26 अप्रैल की सुबह से ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे थे. पुलिस की साइबर टीम ने बताया कि अनगिनत वीडियो वायरल किए गये हैं.
* सीटी, पंजा, कमल को वोट
लोकशाही पध्दति में मतदान को गुप्त रखा गया है. सरकार द्बारा घर बैठे वोटिंग की सुविधा दी गई. उसमें भी मतदान गुप्त रखने का काम सावधानी से किया गया. जबकि उपकरण के कारण मिली सुविधा का लोगों ने फायदा उठाया. अपनी तथाकथित निष्ठा बताने के लिए सीटी अथवा पंजा अथवा कमल की निशानी को वोट देते वीडियो बनाए. उसे अपने तक न रखते हुए वायरल किए.
* सायबर सेल ने बनाया अहवाल
सायबर सेल के जांच अधिकारी ने अमरावती मंडल को बताया कि अनगिनत वीडियों है. जिसकी जानकारी एकत्र की गई. उसकी रिपोर्ट बनाकर जिला चुनाव अधिकारी अर्थात जिलाधिकारी को सौंपी गई है. अब जिलाधिकारी इस मामले में पुलिस को कार्रवाई के क्या निर्देश देते हैं, इस पर निगाहें टिकी है.
* व्यापक आलोचना
तकनीक के बेजा इस्तेमाल कर वोटिंग के वीडियो वायरल करने की करतूत की अधिकांश लोग आलोचना कर रहे हैं. इसे प्रजातंत्र की अवेहलना बता रहे हैं. लोगों ने ऐसे वीडियो जारी कर किसी खास नेता अथवा दल के प्रति वफादारी बताने वाले लोगों पर कार्रवाई की अपेक्षा भी व्यक्त की है.