अमरावती

झूलेलाल जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित करे

पूर्व पार्षद भूषण बनसोड की प्रधानमंत्री से मांग

अमरावती/दि.18 – देश में सभी धर्म के पर्व उत्साह से मनाये जाते है. इसमें दीपावली, क्रिसमस, ईद, धम्मचक्र प्रर्वतन दिन आदि का समावेश है. इसी तरह भगवान झूलेलाल जयंती(चैट्रीचंड्र) यह सिंधी समाज का सबसे बडा पर्व है. इसे पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस बात को देखते हुए इस जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित की जाए, इस आशय की मांग को लेकर पूर्व पार्षद भूषण बनसोड ने पोस्ट व फैक्स के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी व मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को ज्ञापन भिजवाया.
भूषण बनसोड ने ज्ञापन में कहा है कि, सिंधी समाज व्यापारी वर्ग है. व्यापार करने के लिए वे जब जल मार्ग से यात्रा करते थे तब रास्ते में किसी भी तरह का खतरा आने पर उन सभी खतरों से व्यापारी अपने घर सुरक्षित लौटे, इसलिए घर की महिलाएं वरुण देवता की पूजा अर्चना करती थी तथा व्यापारियों के सुखरुप व्यापार करके घर लौटने पर चैट्रीचंड्र उत्सव बडे पैमाने में परिवार के साथ मनाया जाता था. इस खुशी में ग्राम भोज दिया जाता था. तभी से यह प्रवित्र दिन सिंधी समाज व्दारा उत्साह के साथ मनाया जाता है.
सभी छोटे बडे समाज के महापुरुषों की जयंती पर सरकारी छुट्टी होती है. इसी तरह लोगों को छुट्टी होने के बाद भी सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल की जयंति पर सरकारी छुट्टी क्यों नहीं. इस दिन छुट्टी घोषित की जाए, ऐसी मांग भी पूर्व पार्षद भूषण बनसोड ने की है.

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