अमरावतीमहाराष्ट्र

जिला कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

बकाया बिल अदा करने की मांग

अमरावती/दि.25-विगत दो सालों से निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को उनके काम का मुआवजा यानि बिल का भुगतान नहीं या गया है. शासन द्वारा आम तौर 60 फीसदी निधि ठेकेदारों को काम के दौरान किश्त में दी जाती है. 40 फीसदी निधि को काम पूर्ण करने के पश्चात दी जाती है. लेकिन वर्तमान में किसी भी ठेकेदारों को बिल का भुगतान नहीं हुआ है. अब ठेकेदार तथा उनके परिवार पर भुखमरी की नौबत आती दिखाई दे रही है. हमें हमारा मेहनताना कब मिलेगा, यह सवाल करते हुए सोमवार को जिला ठेकेदार एसोसिएशन ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा.
बता दें कि, जिले के 721.65 करोड रुपए बकाया हैं, जिसमें 598.38 करोड केवल सडक तथा पुल निर्माण पर खर्च किये गये, जो बिल अभी भी पेंडिंग पडे हैं, इससे जिले के करीब 2500 ठेकेदार प्रभावित हुए हैं. विदर्भ अध्यक्ष नितिन डहाके के नेतृत्व में जारी आंदोलन के तहत प्रशासन को अब तक 27 हजार करोड रुपये शासन को देना शेष है. राज्य के सभी ठेकेदार बाजार से पैसा उठाकर सरकारी निर्माण कार्य पूर्ण कर रहे हैं, लेकिन पैसा उठाते समय उन्हें समय सीमा तेस करनी पडती है. तय सीमा में अगर बाजार से उठाया पैसा लौटाया नहीं गयो तो उन्हें साहूकारी का सामना करना पडता है. इस परेशानी से तंग आकर कईयों अपनी जान देने की नौबत अब ठेकेदारों पर आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता. वर्तमान सरकार नियमित कार्य कर खर्च होने वाली निधि लूभावन योजनाओं पर खर्च कर लोगों को परेशान कर रही है. ठेकेदारों को उनका मेहनताना नहीं मिला रहा है. ठेकेदारों के बकाया बिल कब अदा होंगे? यह सवाल एसोसिएशन ने जिलाधीश से किया. ज्ञापन सौंपते समय जिला ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष गजानन लकडे, गोपाल राठी, प्रकाश राऊत, बालू दापुरकर, नितिन खेरडे अनुराग लड्डा, गजानन रुद्रकार, राजू बोरखडे, अभिषेक गावंडे, वैभव अनासने, अतुल टिंगने, सौर्भ होले, प्रवीण बाजड, मंगेश कडू समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.

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