
* समिति की सिफारिश नुसार सरकार ने लिया निर्णय
अमरावती/दि.1– राज्य के 40 तहसीलों में सरकार ने सूखा घोषित किया है. 15 जिले के 24 तहसील में गंभीर तथा 16 तहसील में मध्यम सूखा घोषित हुआ है. इनमें अमरावती संभाग के दो तहसीलों का समावेश है. सरकार ने मंगलवार को इस संदर्भ में आदेश जारी किया. राज्य में जून से सितंबर दौरान कई स्थानों पर कम बारिश हुई थी. जिसके बाद राज्यस्तरीय सूखा देखरेख समिति द्वारा रिपोर्ट मांगी गई. मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई. बैठक में इस समिति की सिफारिश के अनुसार सरकार ने यह निर्णय लिया है. सूखा ग्रस्त तहसीलों में अमरावती संभाग के बुलडाणा, व लोणार का समावेश है. सूखा घोषित हुए 40 तहसीलों में जमीन राजस्व में छूट, फसल कर्ज का पुनर्गठन, कृषि कर्ज वसुली को स्थगिती, कृषिपंप के चालू बिजली बिल में 33.5 प्रतिशत सहुलियत, शालेय और महाविद्यालयीन छात्रों का परीक्षा शुल्क माफ, रोजगार गारंटी काम में कुछ प्रमाण में शिथिलता, टैंकर से जलापूर्ति, कृषि पंप का कनेक्शन खंडित न करना, यह निर्णय राज्य सरकार ने लिए है. प्राकृतिक आपदा ग्रस्तों को राज्य आपदा प्रतिसाद निधि के मानक नुसार 2 हेक्टेयर के बजाय 3 हेक्टेयर क्षेत्र तक सहायता करने का निर्णय भी मंत्रिमंडल की हुई बैठक में लिया गया.
इन तहसीलों में सूखा घोषित
नंदूरबार (जिला नंदूरबार), सिंदेखड (धुलिया), चालीसगांव (जलगांव), बुलडाणा, लोणार (बुलडाणा), भोकरदन, जालना, बदनापुर, अंबड, मंठा (जालना), छत्रपति संभाजीनगर, सोयगांव (छत्रपति संभाजीनगर), मालेगांव, सिन्नर, येवला (नाशिक), पुरंदर सासवड, बारामती, शिरूर, दौंड, इंदापुर (पुणे), वडवनी, धारूर, अंबेजोगाई (बीड), रेणापुर (लातुर), वाशी, धाराशिव, लोहारा (धाराशिव), बार्शी, मालशिरस, सांगोला, करमाला, माढा (सोलापुर), वाई, खंडाला सातारा, हातकणंगले, गडहिंग्लज (कोल्हापुर), शिराला, गडेगांव, खानापुर विटा, मिरज (सोलापुर).